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Child Development
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—के तात्विक और मनोवैज्ञानिक भेदों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों चरणों के बीच की वास्तविक वैचारिक भिन्नता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता के पांचवें चरण ('सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार') में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून लोकतांत्रिक प्रक्रिया द्वारा समाज के कल्याण के लिए बनाए गए हैं और यदि वे मानवाधिकारों का हनन करते हैं तो उनमें बदलाव किया जा सकता है। इसके विपरीत, छठे और अंतिम चरण ('सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत') में व्यक्ति अपने स्वयं के विवेक और न्याय के आंतरिक सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे समानता, मानवीय गरिमा और न्याय) द्वारा निर्देशित होता है, जो किसी भी लिखित कानून या समाज की सीमाओं से ऊपर होते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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