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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) के दौरान प्रकट होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) की योग्यताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संज्ञानात्मक क्षमताओं की तात्विक प्रकृति और उनकी वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) अमूर्त चिंतन का काल है। इस अवस्था में 'परिकल्पित-निगमनात्मक चिंतन' के माध्यम से बालक वैज्ञानिक पद्धति की तरह समस्याओं के संभावित समाधानों की परिकल्पना करता है और उनका तार्किक परीक्षण करता है। इसके साथ ही, 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) उसे एक समय में कई चरों को ध्यान में रखते हुए उनके सभी संभावित संयोजनों का systematically मूल्यांकन करने की क्षमता प्रदान करता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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