त्वरित लिंक्स
Child Development
1 views
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) के दौरान प्रकट होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) की योग्यताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संज्ञानात्मक क्षमताओं की तात्विक प्रकृति और उनकी वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) अमूर्त चिंतन का काल है। इस अवस्था में 'परिकल्पित-निगमनात्मक चिंतन' के माध्यम से बालक वैज्ञानिक पद्धति की तरह समस्याओं के संभावित समाधानों की परिकल्पना करता है और उनका तार्किक परीक्षण करता है। इसके साथ ही, 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) उसे एक समय में कई चरों को ध्यान में रखते हुए उनके सभी संभावित संयोजनों का systematically मूल्यांकन करने की क्षमता प्रदान करता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
प्रकार्यवाद (Functionalism) सम्प्रदाय के जनक कौन हैं?
→
निम्नलिखित में से कौन विविधता के महत्व के अंतर्गत “नहीं” आता है?
→
सम्भावना सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं?
→
अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों में से चार्ल्स जूड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) निम्नलिखित में से किस मुख्य अवधारणा पर बल देता है और यह थार्नडाइक के 'समान अवयवों के सिद्धांत' से किस प्रकार भिन्न है?
→
2001 में ब्लूम की टैक्सोनॉमी के संशोधित संस्करण में, संज्ञा 'संश्लेषण' को निम्नलिखित में से किस क्रिया में बदल दिया गया था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.