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Child Development
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सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों का गहन विश्लेषण करते समय, यदि कोई बाल्यावस्था का बालक अपनी ऊर्जा को सामाजिक रूप से स्वीकृत गतिविधियों, शैक्षणिक रुचियों और साथियों के साथ समूहीकरण में निवेश करता है तथा उसकी कामुक ऊर्जा (Libido) इस अवस्था में अस्थायी रूप से प्रसुप्त या शांत रहती है, तो फ्रायड के अनुसार यह विकास की कौन-सी अवस्था को प्रदर्शित करता है और इस अवस्था की मुख्य मनोवैज्ञानिक विशेषता क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, लगभग 6 वर्ष की आयु से लेकर यौवनारंभ (Puberty) तक की अवधि को 'प्रसुप्ति अवस्था' (Latency Stage) कहा जाता है। इस चरण में कामेच्छा (Libido) सुषुप्त या शांत हो जाती है और बालक अपनी ऊर्जा को बौद्धिक विकास, खेल-कूद, मित्र बनाने और सामाजिकिकरण की ओर मोड़ देता है। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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