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History of India
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मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 1630 ई. में किस किले में हुआ था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शिवनेरी के किले में छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था।
Related Questions
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह द्वारा संचालित संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु (अप्रैल 1858) के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों और रोहतास के जंगलों से ब्रिटिश सेना के खिलाफ छापामार युद्ध (Guerrilla warfare) का अत्यंत प्रभावी नेतृत्व जारी रखा था।
2. अमर सिंह ने कैमूर क्षेत्र में अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने के लिए एक समानांतर प्रशासनिक व्यवस्था और न्यायिक संगठन स्थापित किया था, जिसके माध्यम से वे स्थानीय स्तर पर लगान वसूलते थे और ब्रिटिश अधिकारियों के लिए उस क्षेत्र में प्रवेश करना असंभव बना दिया था।
3. ब्रिटिश जनरल विन्सेंट आयर और मेजर लुगार्ड के नेतृत्व में चलाए गए भीषण सैन्य अभियानों के बावजूद अमर सिंह को कभी भी जीवित या मृत अवस्था में गिरफ्तार नहीं किया जा सका, तथा वे अंग्रेजों को चकमा देकर अंत तक अज्ञात बने रहे थे।
4. विद्रोह के अंतिम चरण में नेपाल की तराई में शरण लेने के उपरांत ब्रिटिश हिरासत में बीमारी के कारण अमर सिंह की मृत्यु हो गई थी, जिससे बिहार में 1857 के इस महान स्वतंत्रता संग्राम का अंतिम संगठित सैन्य प्रतिरोध समाप्त हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अष्टप्रधान का वह पद जो विदेशी मामलों की देखरेख करता था?
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और उसके विरोध में उपजे स्वदेशी आंदोलन (1905) के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा जुलाई 1905 में की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक आयोजित करके 'बहिष्कार प्रस्ताव' पारित किया गया था।
2. जिस दिन (16 अक्टूबर 1905) बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव जुलूस निकाले और रवीन्द्रनाथ टैगोर के आह्वान पर एक-दूसरे की कलाई पर 'रक्षा बंधन' बांधकर एकता का प्रदर्शन किया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 1906 में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष सतेंद्र नाथ बसु बनाए गए थे।
4. कलकत्ता में आयोजित 1905 के कांग्रेस अधिवेशन में नरम दल और गरम दल के बीच वैचारिक मतभेदों के कारण स्वदेशी और बहिष्कार के प्रस्तावों को कांग्रेस के आधिकारिक मंच से पारित नहीं किया जाने दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस का पहला औपचारिक विभाजन हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुए संघर्षों और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने किया था, जिसे बाद में ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था।
2. दानापुर छावनी की 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार कर आरा पहुंचे, जहां उन्होंने जगदीशपुर के 80 वर्षीय जमींदार कुंवर सिंह के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध संयुक्त मोर्चा बनाया।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्र में विद्रोह के दौरान यूरोपीय अधिकारियों और अफीम एजेंटों पर हमले किए गए, तथा छपरा में मोहम्मद हुसैन खान और मुजफ्फरपुर में स्थानीय ब्रिटिश विरोधी तत्वों ने संगठित होकर अंग्रेजी प्रशासन को गंभीर चुनौती दी थी।
4. कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने विद्रोह की कमान संभाली और कैमूर की पहाड़ियों (जुगसलाई और जंगल क्षेत्र) से ब्रिटिश सेना के खिलाफ छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) का सफल नेतृत्व जारी रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में बौद्ध धर्म और जैन धर्म के दर्शन, सिद्धांतों एवं उनके आयोजनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध धर्म के मध्यम प्रतिपदा (अष्टांगिक मार्ग) और जैन धर्म के स्याद्वाद (अनेकांतवाद) दोनों ही दर्शन अतिवादी तपस्या और भोग-विलासिता दोनों का त्याग करते हुए कर्म के सिद्धांत को स्वीकार करते हैं, किंतु जैन धर्म आत्मा के अस्तित्व को अनिवार्य मानता है जबकि बौद्ध धर्म 'अनात्मवादी' (अनित्य और आत्मा के अस्तित्व को न मानने वाला) है।
2. जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए 'त्रिरत्न' (सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र) का पालन अनिवार्य बताया गया है, जबकि बौद्ध धर्म के त्रिरत्न 'बुद्ध, धम्म और संघ' हैं।
3. बौद्ध धर्म की प्रथम संगीति का आयोजन राजगृह की सप्तपर्णी गुफा में अजातशत्रु के संरक्षण में हुआ था, जिसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की थी और इसी संगीति में सुत्तपिटक तथा विनयपिटक का संकलन किया गया था।
4. जैन धर्म की प्रथम संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें जैन ग्रंथों के संकलन हेतु 'द्वादशांगी' का अंतिम रूप से संपादन हुआ और श्वेतांबर तथा दिगंबर संप्रदायों के बीच स्थायी मतभेद समाप्त हो गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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