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Child Development
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शिक्षण विधियों के क्रियान्वयन के दौरान कक्षागत समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान और शिक्षकों की व्यावसायिक वृद्धि (Professional Growth) के लिए 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) का उपयोग किया जाता है। इस अनुसंधान प्रक्रिया के विभिन्न चरणों (जैसे समस्या की पहचान, परिकल्पना निर्माण, डेटा संग्रह और क्रियान्वयन) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और प्रायोगिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) शिक्षकों और प्रशासकों द्वारा अपनी कार्यप्रणाली और कक्षागत समस्याओं का तात्कालिक और व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए किया जाने वाला शोध है। इसके अंतर्गत प्राप्त परिणामों का उद्देश्य व्यापक स्तर पर सार्वभौमिक सिद्धांतों का निर्माण करना नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर शिक्षण विधियों और कक्षा के वातावरण में सुधार लाना होता है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव विकास के संदर्भ में, आनुवंशिकी और पर्यावरण के सापेक्ष योगदान का अध्ययन करने के लिए अपनाई जाने वाली 'जुड़वां बच्चों के अध्ययन' (Twin Studies) और 'गोद लिए गए बच्चों के अध्ययन' (Adoption Studies) पद्धतियों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'प्रतिक्रिया सतह' (Reaction Range) और 'निश्चयवादी विकासात्मक मॉडल' (Deterministic Developmental Models) के बीच के तात्विक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) के व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत (Trait Theory) के अनुसार, शील गुणों को 'कार्डिनल' (Cardinal), 'केंद्रीय' (Central), और 'द्वितीयक' (Secondary) शील गुणों में वर्गीकृत किया गया है। इस वर्गीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत के संदर्भ में, जब एक अनुबंधित उद्दीपक (CS) को बार-बार बिना अननुबंधित उद्दीपक (UCS) के प्रस्तुत किया जाता है, तो अनुबंधित अनुक्रिया (CR) का धीरे-धीरे कमजोर होना या विलुप्त हो जाना क्या कहलाता है, और इसके बाद अचानक कुछ समय के अंतराल के बाद अनुक्रिया का पुनः प्रकट होना किस मनोवैज्ञानिक परिघटना को दर्शाता है?
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अधिगम के पठार (Plateaus in Learning) के उत्पन्न होने के तात्विक, मनोवैज्ञानिक तथा कक्षा-कक्षीय कारणों का गहन विश्लेषण करने पर, जब किसी सीखने की प्रक्रिया में लंबे समय तक निष्पादन (Performance) में कोई मात्रात्मक या गुणात्मक सुधार नहीं होता है, और यह स्थिति थकान, प्रेरणा की कमी, जटिलता में वृद्धि या गलत शिक्षण विधियों के कारण उत्पन्न होती है; तथा इसके साथ ही यदि 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में कोई पूर्व ज्ञान नए कौशल को सीखने में या तो पूर्णतः बाधा पहुँचाता है (नकारात्मक स्थानांतरण) या उसे सुगम बनाता है (धनात्मक स्थानांतरण), तो अधिगम के इन दोनों महत्वपूर्ण संप्रत्ययों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक और शैक्षणिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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