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Child Development
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बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा विकास के नियमों—जैसे 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Cephalocaudal और Proximodistal Tendencies) और 'सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ने का सिद्धांत' (Principle of General to Specific Response)—की तात्विक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य के तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल मनोविज्ञान और बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) शरीर के अंगों के आकार, भार और लंबाई में होने वाले परिणात्मक परिवर्तनों को इंगित करती है जो एक निश्चित आयु (परिपक्वता) के बाद रुक जाती है। इसके विपरीत, 'विकास' (Development) एक व्यापक, सतत और गुणात्मक प्रक्रिया है जो गर्भधारण से लेकर मृत्यु पर्यंत ('वूंभ से टूंभ तक' या Womb to Tomb) चलती है, जिसमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक सभी प्रकार के परिवर्तन सम्मिलित होते हैं। इस विषय की विस्तृत वैज्ञानिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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........ एक शिक्षण तकनीक है जो स्थिति को समझने और संभावित समाधान निकालने के लिए गणित को एक साधन के रूप में उपयोग करके वास्तविक दुनिया की समस्याओं की जाँच पर केन्द्रित है।
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