BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
1 views

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) की दोनों अवस्थाओं—अर्थात 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Stage 3) और 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Stage 4)—की तात्विक और सामाजिक-मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवस्थाओं के मध्य निहित मूलभूत अंतर और उनके संज्ञानात्मक-नैतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की आयु के बालकों में पाया जाता है। इस स्तर की तीसरी अवस्था 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Nice Girl Orientation) में किशोरों की नैतिकता पारस्परिक संबंधों, अनुमोदन (Approval), और सामाजिक अपेक्षाओं पर टिकी होती है। इसके विपरीत, चौथी अवस्था 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) में व्यक्ति का नैतिक दृष्टिकोण व्यापक सामाजिक व्यवस्था, कानून के प्रति सम्मान और कर्तव्यों के निर्वहन पर केंद्रित हो जाता है, जहाँ वह समाज को सुचारू रूप से चलाने वाले नियमों को सर्वोपरि मानता है। विकिपीडिया संदर्भ
Share:

Related Questions

जीन पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) प्राप्त कर लेता है? प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा परियोजना पद्धति (Project Method) के संदर्भ में, बाल-केंद्रित कक्षा-कक्ष की गतिकी (Dynamics) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिहाइमर, कुर्त कोफ्का और विशेष रूप से वुल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संदर्भ में, जब सुल्तान नामक चिम्पाजी ने छड़ी के प्रयोग और बक्से को एक-दूसरे के ऊपर रखकर केले प्राप्त करने की समस्या का समाधान किया, तो इस अधिगम प्रक्रिया की तात्विक और संज्ञानात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की एक प्रमुख सीमा 'विकेंद्रीकरण का अभाव' या 'अहंदर्शक' (Egocentrism) और 'संरक्षण' (Conservation) की समझ का न होना है। पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'तीन पर्वत कार्य' (Three-Mountain Problem) के प्रयोग में, इस अवस्था का एक बालक अपनी ही दृश्य-दृष्टि (Perspective) को दूसरों पर आरोपित करता है। इसके विपरीत, जब बालक मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह किस मुख्य संज्ञानात्मक क्षमता को प्राप्त करके इस सीमा को पार कर लेता है? बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की प्रकृति और उनके नियमों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक उपयुक्त है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.