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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के शिक्षण-अधिगम को सुगम बनाने के लिए 'विशिष्ट शिक्षाशास्त्र' (Pedagogy) और 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) के तात्विक एवं व्यावहारिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में बौद्धिक, शारीरिक और संवेदी रूप से भिन्न शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न पाठ्यचर्यात्मक रणनीतियों और बहु-संवेदी उपागमों (Multi-sensory Approaches) का उपयोग करता है, तो समावेशी शिक्षा के इस आधुनिक वैज्ञानिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) एक ऐसी शिक्षण प्रणाली है जिसमें सामान्य और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे एक ही कक्षा में एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं। इसके लिए विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, विभेदीकृत अनुदेशन (Differentiated Instruction) और सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL) के सिद्धांतों का पालन करना अनिवार्य है, ताकि प्रत्येक शिक्षार्थी की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम और शिक्षण विधियों में लचीलापन लाया जा सके।
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अधिगम के वक्र (Learning Curves), अधिगम के पठार (Plateaus) और अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के तात्विक और प्रायोगिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करते हुए बताइए कि यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखते समय प्रारंभिक अवस्था में अत्यंत मंद गति से प्रगति करता है किंतु बाद में अभ्यास के साथ उसकी सीखने की गति तीव्र हो जाती है (जिसे नतोदर या सकारात्मक वक्र कहा जाता है), तत्पश्चात प्रेरणा की कमी, अत्यधिक मानसिक थकान या शारीरिक शिथिलता के कारण उसके निष्पादन में एक समतल स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिसे पठार कहा जाता है, तथा इस पठार को तोड़ने के उपरांत यदि वह पूर्व में अर्जित किसी कौशल का नए विषय पर कोई सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव न पड़ने की स्थिति का अनुभव करता है; तो अधिगम के इन गत्यात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'निजी भाषा' (Private Speech) और 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक और तार्किक रूप से सही है?
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अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) और बी.एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक एवं क्रियात्मक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की मौलिक कार्यप्रणाली और उद्दीपक-अनुक्रिया के स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास के चरण' (Stages of Cognitive Development) की निरंतरता, अपरिवर्तनीयता (Invariance) और सार्वभौमिकता (Universality) के तात्विक एवं दार्शनिक पहलुओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बाल मनोवैज्ञानिक यह प्रेक्षण करता है कि विभिन्न संस्कृतियों और भौगोलिक परिवेशों के बच्चे इन चरणों को एक निश्चित क्रम में ही पार करते हैं—भले ही जैविक परिपक्वता और पर्यावरणीय अनुभवों की भिन्नता के कारण किसी विशिष्ट चरण को प्राप्त करने की आयु सीमा में थोड़ा बहुत अंतर (Age Shift) आ सकता हो—तो पियाजे के इस अवस्था-सिद्धान्त (Stage Theory) के संरचनात्मक स्वरूप और उसकी तात्विक मान्यताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मुख्य प्रणेता जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभव द्वारा सीखना' (Learning by Doing) और 'विद्यालय जीवन की तैयारी नहीं, बल्कि जीवन स्वयं है' (Education is not preparation for life, life itself is education) के दर्शन के आधार पर, बाल-केंद्रित कक्षा-कक्ष की सबसे मौलिक और विश्लेषणात्मक विशेषता निम्नलिखित में से किसे माना जाएगा?
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