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Child Development
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अधिगम के वक्र (Learning Curves), अधिगम के पठार (Plateaus) और अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के तात्विक और प्रायोगिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करते हुए बताइए कि यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखते समय प्रारंभिक अवस्था में अत्यंत मंद गति से प्रगति करता है किंतु बाद में अभ्यास के साथ उसकी सीखने की गति तीव्र हो जाती है (जिसे नतोदर या सकारात्मक वक्र कहा जाता है), तत्पश्चात प्रेरणा की कमी, अत्यधिक मानसिक थकान या शारीरिक शिथिलता के कारण उसके निष्पादन में एक समतल स्थिति उत्पन्न हो जाती है जिसे पठार कहा जाता है, तथा इस पठार को तोड़ने के उपरांत यदि वह पूर्व में अर्जित किसी कौशल का नए विषय पर कोई सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव न पड़ने की स्थिति का अनुभव करता है; तो अधिगम के इन गत्यात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?

Detailed Explanation

अधिगम प्रक्रिया में वक्र, पठार और स्थानांतरण का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, जब अधिगम की शुरुआत में गति धीमी होती है और अभ्यास के साथ आगे चलकर तीव्र हो जाती है, तो उसे धनात्मक त्वरण या नतोदर वक्र कहा जाता है। इसके विपरीत, 'पठार' वह स्थिति है जहाँ अधिगम की उन्नति अस्थायी रूप से रुक जाती है, जिसका प्रमुख कारण थकान, रुचि की कमी या जटिलता हो सकती है। वहीं, 'शून्यात्मक स्थानांतरण' (Zero Transfer) वह स्थिति है जहाँ एक परिस्थिति का ज्ञान दूसरी परिस्थिति में किसी भी प्रकार का धनात्मक या ऋणात्मक प्रभाव नहीं डालता है।
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बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'विकास के वैयक्तिक अंतर का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) और 'विकास की सततता का सिद्धांत' (Principle of Continuity) के परस्पर अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? अधिगम के सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तात्विक, क्रियात्मक और प्रेरक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के बीच के वास्तविक और वैज्ञानिक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के तात्विक, सैद्धांतिक और व्यावहारिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, शिक्षण विधियों में सुधार और कक्षा-कक्षीय समस्याओं के तात्कालिक समाधान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? अधिगम मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves), 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) और 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के तात्विक एवं वैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखते समय प्रारंभिक चरणों में मंद गति से प्रगति करता है और बाद में उसकी गति तीव्र हो जाती है (जिसे 'उन्नतोदर या अवतल वक्र' यानी Concave Curve कहा जाता है), इसके साथ ही यदि अभ्यास के दौरान एक निश्चित बिंदु पर उसकी निष्पत्ति में पूर्ण ठहराव आ जाता है जिसे मानसिक थकान, प्रेरणा की कमी या गलत विधियों के कारण उत्पन्न 'पठार' माना जाता है, तथा अंत में वह अपने पूर्व-अर्जित ज्ञान का अनुप्रयोग किसी सर्वथा भिन्न परिस्थिति में तार्किक सादृश्यता के आधार पर करता है; तो इन तीनों मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं और उनके अंतर्निहित कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? आगमनात्मक उपागम किस स्थिति में उपयुक्त है?
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