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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की तात्विक, तार्किक एवं विकासात्मक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के दौरान बालकों में विकसित होने वाली 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'वर्गीकरण' (Classification) जैसी क्षमताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चों का चिंतन अधिक तार्किक और व्यवस्थित हो जाता है। इस चरण की सबसे मुख्य विशेषता 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का विकास है, जिसके तहत बालक यह समझ जाते हैं कि यदि किसी वस्तु (जैसे पानी या मिट्टी के गोले) का आकार बदल दिया जाए, तो भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान में कोई अंतर नहीं आता। यह क्षमता 'विकेंद्रीकरण' (Decentration - एक ही समय में किसी वस्तु के कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना) और 'प्रतिलोमनीयता' (Reversibility) के मानसिक गुणों के कारण विकसित होती है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के संदर्भ में, यदि एक 4 से 5 वर्ष की आयु का बालक अपनी माँ के प्रति अत्यधिक लगाव और पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या ईर्ष्या की भावना प्रदर्शित करता है, जिसके समाधान के परिणामस्वरूप वह अंततः अपने पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित कर लेता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के अनुसार इस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक अवस्था और इससे जुड़ी जटिलता को किस रूप में जाना जाता है? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों और उनकी विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक अपने विकास की उस अवस्था में है जहाँ उसका अधिकांश कामुक और मानसिक ऊर्जा का केंद्र 'गुदा क्षेत्र' (Anal Region) पर केंद्रित होता है, तथा माता-पिता द्वारा टॉयलेट ट्रेनिंग (शौचालय प्रशिक्षण) के दौरान अत्यधिक कठोरता या अत्यधिक अनुदारता बरतने के कारण उस बालक के व्यक्तित्व में अत्यधिक व्यवस्थाप्रियता, जिद्दीपन, कंजूसी या इसके विपरीत अत्यधिक अव्यवस्था और फूहड़पन जैसे लक्षण स्थायी रूप से विकसित हो जाते हैं, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के अनुसार यह विकासात्मक अवस्था और इससे उत्पन्न होने वाला व्यवहारिक स्वरूप निम्नलिखित में से किस विकल्प के साथ सर्वाधिक सटीकता से मेल खाता है? अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों में से एडवर्ड थार्नडाइक और रॉबर्ट वुडवर्थ द्वारा प्रतिपादित 'समान अवयवों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, एक परिस्थिति में अर्जित ज्ञान या कौशल का दूसरी परिस्थिति में स्थानांतरण किस स्थिति में सर्वाधिक प्रभावशाली ढंग से होता है? वुल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन अधिगम प्रक्रिया की सबसे सही वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है? अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत', इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' के तात्विक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई जीव किसी पूर्व निश्चित उद्दीपक (Stimulus) की प्रतीक्षा किए बिना अपनी स्वैच्छिक अनुक्रियाओं द्वारा पर्यावरण पर प्रभाव डालता है और अपने व्यवहार के परिणामों—विशेषकर सकारात्मक या नकारात्मक 'पुनर्बलन' (Reinforcement)—के आधार पर उस अनुक्रिया की आवृत्ति को बढ़ाता या घटाता है, तथा पावलव के सिद्धांत में उद्दीपक का अनुबंधन से पूर्व होना अनिवार्य है, तो इन तीनों सिद्धांतों के मूलभूत अंतर और अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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