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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों के चिंतन में पाई जाने वाली प्रमुख सीमाओं—जैसे 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism), 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility), और 'केन्द्रीकरण' (Centration)—तथा उनके तार्किक विकास के तात्विक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की सर्वाधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 2 से 7 वर्ष) में बच्चे प्रतीकात्मक विचार विकसित करते हैं, परंतु उनके चिंतन में 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism), 'केन्द्रीकरण' (Centration) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) जैसी मुख्य सीमाएँ होती हैं। वे केवल एक समय में किसी वस्तु के एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं और मानसिक रूप से क्रिया को उलट नहीं सकते। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संयुक्त वैधानिक और शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य में, बच्चों के मूल्यांकन और गृहकार्य (Homework) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा निर्देश सबसे अधिक प्रासंगिक और बाल-केंद्रित माना जाता है? सिग्मंड फ्रायड द्वारा प्रतिपादित मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों के संदर्भ में, 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) के दौरान बाल विकास की तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म इन दोनों चरणों की मुख्य विकासात्मक चुनौतियों और संघर्षों को सर्वाधिक सटीक रूप से दर्शाता है? गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दियोंमार, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर—द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत, जब अधिगमकर्ता किसी समस्या के समाधान के लिए पारंपरिक या Trial-and-Error विधियों को छोड़कर पूरी परिस्थिति का संज्ञानात्मक और समग्र पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) करता है, तो इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? अधिगम के वक्र (Learning Curves) के विभिन्न प्रकारों—जैसे 'सकारात्मक त्वरित वक्र' (Positive Acceleration Curve), 'नकारात्मक त्वरित वक्र' (Negative Acceleration Curve), और 'एस-आकार का वक्र' (S-Shaped Curve)—तथा अधिगम के पठार (Plateau in Learning) और 'अधिगम के स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के सिद्धांतों (जैसे द्विपक्षीय स्थानांतरण और शून्य स्थानांतरण) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन सभी संकल्पनाओं के बीच उनके वैज्ञानिक और व्यावहारिक संबंधों को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से व्यक्त करता है? लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक सक्षम वयस्क या 'अधिक ज्ञानी अन्य' (MKO) बच्चे की क्षमता के वर्तमान स्तर और उसकी संभावित विकास सीमा के बीच के अंतर को पाटने के लिए अस्थायी सहायता प्रदान करता है, जिसे 'मचान निर्माण' (Scaffolding) कहा जाता है, तो इस पूरी संज्ञानात्मक अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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