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Child Development
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मानव विकास के संदर्भ में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की सापेक्षिक भूमिका और उनकी जटिल अंतःक्रिया का अध्ययन करने वाले आनुवंशिकीविदों ने 'वंशानुक्रम की सीमा' (Range of Reaction) और 'निश्चिंतता के दायरे' (Niche-picking) जैसी अवधारणाओं का प्रतिपादन किया है। यदि किसी उच्च बौद्धिक क्षमता वाले बालक को अत्यंत वंचित, कुपोषित और अमानवीय वातावरणीय परिस्थितियों में रखा जाता है, तो उसकी वास्तविक बुद्धि लब्धि और संज्ञानात्मक निष्पत्ति उस ऊपरी सीमा तक नहीं पहुँच पाती जो उसके जीनोटाइप (Genotype) द्वारा जैविक रूप से निर्धारित थी। इसके विपरीत, एक औसत जीनोटाइप वाला बालक भी यदि अत्यंत समृद्ध, संवर्धित और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण में पलता-बढ़ता है, तो वह अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग कर पाता है। विकास के इस तात्विक, पारिस्थितिकी और आनुवंशिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव विकास में वंशानुक्रम और वातावरण का संबंध केवल योगात्मक नहीं बल्कि अत्यंत गुणात्मक और गत्यात्मक होता है, जैसा कि विकिपीडिया संदर्भ में विकास मनोविज्ञान के अंतर्गत समझाया गया है। 'रिएक्शन रेंज' (Range of Reaction) का सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि हमारे जींस (जीनोटाइप) हमारे विकास की संभावित सीमाओं (न्यूनतम और अधिकतम सीमा) को तय करते हैं, परंतु उन सीमाओं के भीतर वास्तविक प्रकटीकरण (फेनोटाइप) पूरी तरह से वातावरण की समृद्धि, पोषण और व्यक्ति की सक्रियता (Niche-picking) पर निर्भर करता है।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धाराओं का तात्विक, विधिक तथा pedagogical विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय प्राथमिक स्तर के बच्चों के आकलन के लिए केवल मानकीकृत योगात्मक परीक्षाओं (Standardized Summative Tests) को ही एकमात्र पैमाना मानता है, गृह-कार्यों और बाहरी ट्यूशन पर अत्यधिक बल देता है, तथा कक्षा के भीतर रटकर सीखने की संस्कृति को अनजाने में बढ़ावा देता है; तो NCF 2005 द्वारा संस्तुत 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना' और RTE 2009 की धारा 29 के तहत प्रदत्त 'बाल-केंद्रित शिक्षा व भयमुक्त वातावरण' के विधिक एवं दार्शनिक अधिदेशों के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा उनके सार्वभौमिक सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
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शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य क्या है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD), 'मचान या पाड़' (Scaffolding), और 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools) के अंतर्संबंधों तथा संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक अपने शिक्षक या अधिक जानकार अन्य (MKO) के अल्पकालिक और लक्षित हस्तक्षेप की सहायता से किसी जटिल समस्या को हल करने में सक्षम हो जाता है, जिसे वह स्वतंत्र रूप से हल नहीं कर पा रहा था, और इस प्रक्रिया के दौरान आंतरिक भाषण (Inner Speech) उसके स्वनिमित्त नियमन (Self-Regulation) को सुदृढ़ करता है, तो वाइगोत्स्की के इस समाज-रचनावादी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के मनोवैज्ञानिक एवं तंत्रिका-वैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी दृश्य-स्थानिक सूचनाओं को संसाधित करने में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, गणितीय गणनाओं, अंकों के स्थानीय मान (Place Value) और ज्यामितीय आकृतियों को समझने में असमर्थ होता है, तथा साथ ही उसे पाठ्यसामग्री को पढ़ने में भी विशिष्ट बाधाओं का सामना करना पड़ता है, तो न्यूरोलॉजिकल और क्लिनिकल वर्गीकरण के अनुसार इस स्थिति में डिस्लेक्सिया (Dyslexia), डिसकैल्कुलिया (Dyscalculia) और दृश्य-स्थानिक प्रसंस्करण दोष के अंतर्संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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