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Child Development
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अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी शिक्षार्थी को मौखिक भाषा को समझने, मनोदशा और विचारों को मौखिक रूप से व्यक्त करने में गंभीर कठिनाई होती है, जबकि उसकी सामान्य बुद्धि लब्धि (IQ) और पठन-लेखन कौशल अपेक्षाकृत सामान्य हैं; इसके साथ ही यदि दूसरे शिक्षार्थी को अपनी गामक क्रियाओं (Motor Activities), संतुलन और नेत्र-हस्त समन्वय (Hand-Eye Coordination) में सूक्ष्म पेशीय दोषों के कारण बाधा उत्पन्न होती है, तो इन विशिष्ट विकासात्मक विकारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम अक्षमताएँ (Learning Disabilities) तंत्रिका तंत्र (Neurological) से जुड़ी ऐसी स्थितियाँ हैं जो सूचनाओं को ग्रहण करने, संसाधित करने या व्यक्त करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। 'डिसफैसिया' (या अफेसिया) एक ऐसा भाषा विकार है जो मस्तिष्क के भाषा केंद्रों (जैसे ब्रोका और वर्निक क्षेत्र) की क्षति या विकास संबंधी बाधा के कारण मौखिक संप्रेषण और भाषा बोध को प्रभावित करता है। वहीं, 'डिसप्रेक्सिया' (Dyspraxia) एक गामक विकास संबंधी विकार है जिसमें शारीरिक समन्वय, संतुलन और बारीक पेशीय नियंत्रण (Fine Motor Skills) में कठिनाई होती है। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) की तात्विक एवं तुलनात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी किसी नए और जटिल कौशल को सीखते समय पहले अनगिनत यांत्रिक त्रुटियां करता है, तत्पश्चात उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) संबंधों के दृढ़ होने से सही अनुक्रियाओं का चयन करता है, और अंततः अपनी स्वैच्छिक क्रियाओं के परिणामों (पुनर्बलन) के आधार पर व्यवहार को नियमित करता है; तो इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्निहित मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक के संयोजनवाद (Connectionism), इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) और बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) सिद्धांतों का तुलनात्मक तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि थार्नडाइक का उद्दीपक-प्रतिक्रिया (S-R) आबंध, पावलव का उद्दीपक-उद्दीपक (S-S) अनुबंधन और स्किनर का प्रतिक्रिया-उद्दीपक (R-S) मॉडल का अध्ययन किया जाए, तो इनमें से कौन-सा कथन इन तीनों अधिगम सिद्धांतों की अंतर्निहित क्रियाप्रणाली के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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