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Child Development
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गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत, जब वोल्फगांग कोहलर ने चिम्पांजी 'सुल्तान' पर प्रयोग किए और यह सिद्ध किया कि अधिगम यांत्रिक प्रयासों (Trial and Error) का परिणाम न होकर संपूर्ण परिस्थिति के तात्कालिक और अचानक संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) पर आधारित होता है, तो इस सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक या क्रमिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सूझ या अंतर्दृष्टि (Insight) पर आधारित होती है। वोल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler) ने अपने प्रयोगों के माध्यम से यह दर्शाया कि जब प्राणी किसी समस्या का सामना करता है, तो वह परिस्थिति के सभी घटकों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर उनका मानसिक पुनर्गठन करता है और अचानक से सही समाधान की खोज कर लेता है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, बाल-केन्द्रित शिक्षा (Child-Centred Education) और ज्ञान के निर्माण (Construction of Knowledge) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों की मूल दार्शनिक और शैक्षणिक भावना को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है? किशोरावस्था .......... के बीच शुरू और समाप्त होती है। लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) की दोनों अवस्थाओं—अर्थात 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Stage 3) और 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Stage 4)—की तात्विक और सामाजिक-मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवस्थाओं के मध्य निहित मूलभूत अंतर और उनके संज्ञानात्मक-नैतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) की अंतिम अवस्था यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखीकरण' (Universal Ethical Principle Orientation) का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक और दार्शनिक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिहाइमर, कुर्ट कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के तात्विक, संज्ञानात्मक तथा कक्षा-कक्षीय अनुप्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान पारंपरिक यांत्रिक प्रयासों (Trial and Error) के बजाय अचानक मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) और संपूर्ण परिस्थिति के प्रत्यक्षीकरण के माध्यम से यकायक सही समाधान तक पहुँच जाता है, तो कोहलर के चिम्पांजी (सुल्तान) पर किए गए प्रयोगों और गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के इस मौलिक सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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