त्वरित लिंक्स
History of India
27 views
शाहजहाँ द्वारा निर्मित "मयूरासन" को 1739 ई. में कौन लूटकर ले गया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
नादिर शाह 1739 में दिल्ली पर आक्रमण के दौरान मयूरासन लूट ले गया था।
Related Questions
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, बौद्ध धर्म और जैन धर्म के वैचारिक दर्शन, उनके संप्रदायों तथा संगीति (Councils) के आयोजनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध धर्म के द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में कालाशोक के शासनकाल में हुआ था, जिसमें संघ 'स्थविरवाद' और 'महासांगिक' संप्रदायों में स्थायी रूप से विभाजित हो गया, जबकि चतुर्थ बौद्ध संगीति कनिष्क के शासनकाल में कुण्डलमणि (कश्मीर) में हुई थी, जिसमें बौद्ध धर्म 'हीनयान' और 'महायान' में बंट गया।
2. जैन धर्म के श्वेतांबर संप्रदाय के अनुयायी स्थूलभद्र के नेतृत्व में श्वेत वस्त्र धारण करते हैं, जबकि दिगंबर संप्रदाय के अनुयायी भद्रबाहु के मार्गदर्शन में नग्न रहने के नियम का पालन करते हैं, और जैन परंपरा के अनुसार भगवान महावीर की मृत्यु के पश्चात पावापुरी में प्रथम जैन संगीति का आयोजन किया गया था जिसमें आगम ग्रंथों का संकलन किया गया था।
3. बौद्ध दर्शन के 'प्रतीत्यसमुत्पाद' (कारण-कार्य सिद्धांत) और जैन दर्शन के 'स्याद्वाद' (अनेकांतवाद) दोनों ही अलौकिक ईश्वर की सत्ता को नकारते हैं, किंतु जैन धर्म आत्मा (जीव) की स्वतंत्र और नित्य अस्तित्व को स्वीकार करता है, जबकि बौद्ध धर्म अनात्मवादी (अनात्मन्) है जो आत्मा के शाश्वत अस्तित्व को नहीं मानता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उदय से पूर्व ब्रिटिश शासन की राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक-धार्मिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी का विलय किया गया, जिससे पारंपरिक शासकों और उनके आश्रितों में गहरी असुरक्षा और आक्रोश की भावना उत्पन्न हुई।
2. ब्रिटिश आर्थिक नीतियों (विशेषकर मुक्त व्यापार और एकतरफा शुल्क व्यवस्था) के कारण पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों का तीव्र पतन हुआ, जिससे बड़ी संख्या में कारीगर और दस्तकार बेरोजगार होकर कृषि पर निर्भर होने के लिए बाध्य हो गए।
3. वर्ष 1850 के 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के तहत पैतृक संपत्ति में उत्तराधिकार के अधिकार को हिंदू धर्म त्यागने या ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्तियों के लिए भी सुरक्षित कर दिया गया, जिसे रूढ़िवादी भारतीय समाज ने धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने के षड्यंत्र के रूप में देखा।
4. सेना के भीतर लागू 'सामान्य सेवा उपनियम अधिनियम' (General Service Enlistment Act, 1856) के तहत भारतीय सिपाहियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समुद्र पार (काला पानी) जाकर भी सेवा देनी होगी, जिससे तत्कालीन सैनिकों की रूढ़िवादी धार्मिक मान्यताओं और जातियों की पवित्रता को ठेस पहुँची।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मराठा साम्राज्य के प्रशासन, सैन्य संगठन और शिवाजी के शासनकाल की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी की केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था में 'अष्टप्रधान' (आठ मंत्रियों का परिषद) नामक मंत्रिपरिषद थी, जिसमें पेशवा (मझार) सर्वोच्च पद होता था जो सैन्य मामलों के अलावा अन्य सभी नागरिक और वित्तीय कार्यों की देखरेख करता था तथा मंत्रिपरिषद का प्रत्येक मंत्री सीधे छत्रपति के प्रति उत्तरदायी था।
2. राजस्व सुधारों के अंतर्गत शिवाजी ने जागीरदारी प्रथा को कड़ाई से हतोत्साहित किया और उसके स्थान पर अधिकारियों को नकद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया, हालांकि कुछ मामलों में सैन्य सेवा के बदले भूमि अनुदान (सरंजाम) भी दिए जाते थे।
3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख कर थे, जिनमें चौथ मराठा राज्य की सीमा के बाहर पड़ोसी मुगल अथवा अन्य क्षेत्रों से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत था, जबकि सरदेशमुखी उस क्षेत्र पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर के रूप में लिया जाता था।
4. शिवाजी की घुड़सवार सेना दो प्रमुख भागों में विभाजित थी — 'पागा' (राजकीय घुड़सवार सेना) जिसमें सैनिकों को घोड़े और शस्त्र राज्य द्वारा प्रदान किए जाते थे, और 'सिहल्ती' या 'बारगीर' जो स्वयं अपने घोड़े और अस्त्र-शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
गुप्तोत्तर काल एवं हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के अधीन प्रशासनिक व्यवस्था मौर्य और गुप्त कालों की तुलना में अधिक विकेंद्रीकृत हो चुकी थी, जहाँ अधिकारियों और सामंतों को नगद वेतन देने के स्थान पर भूमि अनुदान (भू-दान) देने की प्रवृत्ति में अत्यधिक वृद्धि हुई थी।
2. हर्ष के काल में कन्नौज (जिसे 'कान्यकुब्ज' कहा जाता था) राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया था, और हर्ष ने बौद्ध धर्म की महायान शाखा को संरक्षण प्रदान करने के साथ-साथ कन्नौज में एक विशाल धार्मिक महासभा का आयोजन किया था, जिसकी अध्यक्षता चीनी यात्री ह्वेनसांग ने की थी।
3. इस काल में उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले प्रत्यक्ष समुद्री व्यापार के बने रहने के कारण सोने के सिक्कों की प्रचुरता थी, और हर्ष के समय सोने के सिक्के (दिनार) गुप्त सम्राटों से भी अधिक शुद्धता और संख्या में जारी किए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
मुगल काल में "अमल गुजार" का मुख्य कार्य क्या था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.