त्वरित लिंक्स
Indian Polity
14 views
भारतीय संसद के गठन, लोकसभा और राज्यसभा की संरचना तथा विधाई प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार भारत की संसद के तीन अंग हैं—राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा, और राष्ट्रपति यद्यपि संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता है, तथापि वह संसद का अभिन्न अंग होता है क्योंकि संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित कोई भी विधेयक तब तक अधिनियम नहीं बनता जब तक राष्ट्रपति उस पर अपनी अनुमति (Assent) प्रदान नहीं कर देता।
- 2. राज्यसभा में राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से होता है, जिसमें प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों का निर्वाचन राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया जाता है, तथा संघ राज्यक्षेत्रों के मामले में यह निर्वाचन संसद द्वारा विधि द्वारा विहित रीति से होता है (वर्तमान में केवल दिल्ली और पुडुचेरी तथा जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा में प्रतिनिधि हैं)।
- 3. विधाई प्रक्रिया के अंतर्गत, धन विधेयकों (Money Bills) को छोड़कर किसी भी साधारण विधेयक को संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित (Introduce) किया जा सकता है, और यदि किसी साधारण विधेयक पर संसद के दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाता है, तो संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) आहुत कर सकता है, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है, तथा संयुक्त बैठक में यह विधेयक उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद के तीन अंग राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा हैं। राष्ट्रपति दोनों सदनों का सदस्य नहीं होता, किंतु विधायी प्रक्रिया के तहत कानून निर्माण के लिए उसकी अनुमति अनिवार्य है। कथन 2 सही है क्योंकि राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108) में साधारण विधेयक दोनों सदनों के उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के **साधारण बहुमत** (Simple Majority) से पारित होता है, न कि दो-तिहाई बहुमत से। इस प्रकार के महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत अध्ययन करने के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों (निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों सदस्यों) के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक गण के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है, और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन को इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती कि निर्वाचक-गण अपूर्ण था।
2. संविधान के अनुच्छेद 75(1A) के अनुसार प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, और यह प्रावधान 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अंतःस्थापित किया गया था।
3. अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय और विधायन के प्रस्ताव राष्ट्रपति को संसूचित करे, किंतु यदि राष्ट्रपति किसी ऐसे विषय पर जिस पर किसी मंत्री ने विनिश्चय कर लिया है किंतु मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है, रिपोर्ट मांगते हैं, तो प्रधानमंत्री के लिए उसे मंत्रिपरिषद के समक्ष रखना अनिवार्य नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राष्ट्रपति को यह बाध्य किया गया कि वह मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही कार्य करेगा, तथा इसी संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को केवल तभी निलंबित किया जा सकता है जब आपातकाल 'युद्ध या बाह्य आक्रमण' के आधार पर घोषित किया गया हो, न कि 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को हटाकर उसके स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द को अंतःस्थापित किया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा केवल मंत्रिमंडल (Cabinet) के लिखित निर्णय के आधार पर ही की जा सकती है।
3. 38वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 के माध्यम से यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को किसी भी न्यायालय में न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से बाहर रखा जाएगा, जिसे बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा समाप्त कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान सभा के गठन और उसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव पद्धति (Proportional Representation by means of Single Transferable Vote) के माध्यम से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में कुल 296 सीटें आवंटित की गई थीं।
2. रियासतें (Princely States) संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुई थीं, क्योंकि रियासतों के शासकों ने कैबिनेट मिशन योजना का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का निर्णय लिया था और सभा के चुनाव में भाग लेने से स्पष्ट मना कर दिया था।
3. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिस दिन संविधान सभा ने औपचारिक रूप से 'भारत के संविधान' पर हस्ताक्षर किए और सभा का अस्तित्व समाप्त होने के पश्चात इसे अंतरिम संसद (Provisional Parliament) में परिवर्तित कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान सभा की निर्माण प्रक्रिया और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग लिया था, और इस बैठक में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
2. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के लिए कुल 22 प्रमुख समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से प्रारूप समिति (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी और इसके अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अंबेडकर थे।
3. संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, तथा संविधान सभा द्वारा इसके वाचन के दौरान कुल तीन वाचन (Readings) हुए थे, जिसके पश्चात 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
अनुच्छेद 110 क्या है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.