BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
14 views

भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों की स्वतंत्रता, प्रशासनिक नियंत्रण तथा अधीनस्थ न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) के अधीक्षण की व्यापक शक्ति प्राप्त है, और यह अधीक्षण शक्ति केवल प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों तक सीमित है, इसका विस्तार न्यायिक निर्णयों या न्यायिक समीक्षा के दायरे तक नहीं होता है।
  2. 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के प्रावधानों के तहत किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात ही की जाती है, तथा इस प्रक्रिया में उच्च न्यायालय की संस्तुति राज्यपाल के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होती है।
  3. 3. अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायपालिका के अधिकारियों की पदस्थापना, प्रमोशन, छुट्टी और अनुशासन से संबंधित नियंत्रण शामिल है, पूरी तरह से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय की अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति अत्यंत व्यापक है और इसमें प्रशासनिक अधीक्षण के साथ-साथ न्यायिक अधीक्षण (Judicial Superintendence) भी शामिल है। उच्च न्यायालय अपने अधीनस्थ न्यायालयों के निर्णयों और कार्यप्रणाली की न्यायिक समीक्षा भी कर सकता है। कथन 2 असत्य है क्योंकि जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श (Consultation) से की जाती है, किंतु परामर्श का अर्थ 'सहमति' नहीं होता है। राज्यपाल उच्च न्यायालय से परामर्श करने के लिए बाध्य है, किंतु उच्च न्यायालय की राय मानने के लिए पूरी तरह बाध्य नहीं होता (यद्यपि गंभीर कारणों के बिना उच्च न्यायालय की सलाह की उपेक्षा नहीं की जाती)। कथन 3 पूर्णतः सत्य है; अनुच्छेद 235 के अनुसार राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों (जिला न्यायालयों और अन्य अधीनस्थ न्यायपालिका) पर नियंत्रण की शक्ति, जिसमें उनकी पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी आदि शामिल हैं, पूरी तरह से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होती है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के महत्वपूर्ण अध्यायों को पढ़ें।
Share:

Related Questions

भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की विभिन्न शक्तियों, विशेषकर उसकी अंतर्निहित शक्तियों (Inherent Powers), समीक्षा क्षेत्राधिकार और राष्ट्रपति की सलाहकारिता अधिकारिता (अनुच्छेद 143) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत उच्चतम न्यायालय को अपनी अधिकारिता का प्रयोग करते हुए ऐसा 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने का विशेष विवेक अधिकार प्राप्त है, जिसके आदेश या डिक्री का प्रवर्तन पूरे भारत में होगा, और संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के प्रावधान इस शक्ति के प्रयोग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं कर सकते हैं। 2. अनुच्छेद 143 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा मांगे गए परामर्श पर विचार करने के लिए उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ (Constitutional Bench) का गठन करना अनिवार्य होता है, जिसमें कम से कम पांच न्यायाधीश होने चाहिए, तथा न्यायालय द्वारा दी गई सलाहकार राय राष्ट्रपति के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होती है। 3. उच्चतम न्यायालय के 'पुनरावलोकन क्षेत्राधिकार' (Review Jurisdiction) के तहत संविधान के अनुच्छेद 137 के अधीन वह अपने द्वारा सुनाए गए किसी निर्णय या आदेश का पुनरावलोकन कर सकता है, किंतु इस प्रकार का पुनरावलोकन आवेदन केवल तभी स्वीकार किया जा सकता है जब संसद द्वारा इस निमित्त कोई नया अधिनियम पारित किया गया हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान की अनुसूचियों, राजभाषा और राजनीतिक दलों से संबंधित संवैधानिक उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की दसवीं अनुसूची, जिसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था, राजनीतिक दलों के दलबदल के आधार पर संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों की निर्योग्यता के बारे में उपबंध करती है, और इसके अंतर्गत पीठासीन अधिकारी द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम होता है तथा उसकी न्यायिक समीक्षा पूर्णतः वर्जित है। 2. संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्रवाइयाँ अंग्रेजी भाषा में होंगी, जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे, तथा किसी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उस राज्य के उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी या अन्य राजभाषा के प्रयोग को अधिकृत कर सकता है। 3. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें विभिन्न संशोधनों के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, और इस अनुसूची में कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषाओं को 71वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था। 4. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत किसी राजनीतिक दल को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 'राष्ट्रीय दल' (National Party) के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम चार राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कुल वैध मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करे और साथ ही कम से कम चार राज्यों से लोकसभा में कुल 11 सीटें जीते। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने के प्रस्ताव को किस नाम से जाना जाता है? संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'संविधान संशोधन' की प्रक्रिया में संसद की शक्ति बताता है? भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की अधिकारिता और अधीनस्थ न्यायपालिका के नियंत्रण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने क्षेत्राधिकार के भीतर आने वाले सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) पर अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति प्राप्त है, और यह अधीक्षण शक्ति केवल प्रशासनिक नियंत्रण तक ही सीमित है, इसमें न्यायिक अधीक्षण (Judicial Superintendence) शामिल नहीं है। 2. अनुच्छेद 233 के प्रावधानों के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, तथा राज्यपाल द्वारा यह अधिकार राज्य लोक सेवा आयोग के साथ विचार-विमर्श के बाद ही प्रयोग किया जाता है। 3. अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों (जिसमें जिला न्यायालय और उसके अधीनस्थ अन्य सिविल न्यायालय शामिल हैं) पर नियंत्रण, जिसमें उनकी पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी देना शामिल है, पूरी तरह से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.