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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन, उसकी कार्यप्रणाली और समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कांग्रेस ने 208 सीटें और मुस्लिम लीग ने 73 सीटें जीती थीं, तथा रियासतों (Princely States) को संविधान सभा में कुल 93 सीटें आवंटित की गई थीं, जिन्होंने बाद में सभा की बैठकों में शुरुआत से ही भाग लेना स्वीकार कर लिया था।
- 2. संविधान सभा की संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे जिसमें कुल सदस्यों की संख्या अध्यक्ष सहित सात थी।
- 3. संविधान सभा द्वारा कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन में संविधान का निर्माण किया गया, जिसके दौरान इसके कुल 11 सत्र आयोजित किए गए तथा अंतिम रूप से संविधान पर 26 नवंबर 1949 को हस्ताक्षर किए गए, जिस दिन प्रस्तावना में उल्लिखित कुछ प्रावधानों के साथ संपूर्ण संविधान को तत्काल प्रवर्तित मान लिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि देशी रियासतों (Princely States) ने प्रारंभ में संविधान सभा की बैठकों से अपने को अलग रखा था और वे संविधान सभा में शामिल नहीं हुई थीं। कथन 2 सत्य है; संघ शक्ति समिति तथा संघीय संविधान समिति के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, तथा 29 अगस्त 1947 को गठित प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे जिसमें कुल 7 सदस्य (अध्यक्ष सहित) थे। कथन 3 आंशिक रूप से असत्य है; संविधान निर्माण में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे और इसके 11 सत्र हुए, 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया (Adopt) गया और नागरिकों, निर्वाचन आदि से जुड़े कुछ अनुच्छेद तत्काल लागू हुए, किंतु 'संपूर्ण संविधान' 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था को पढ़ें।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा, किंतु 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से ऐसी सलाह पर 'पुनर्विचार' करने की अपेक्षा कर सकता है और राष्ट्रपति पुनर्विचार के पश्चात दी गई ऐसी सलाह के अनुसार ही कार्य करने के लिए विवश होता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 75(1) के तहत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा इसके लिए यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य है कि नियुक्त होने वाला व्यक्ति शपथ ग्रहण के समय संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का अनिवार्य रूप से सदस्य हो।
3. संविधान के अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा, जो पदेन राज्यसभा का सभापति होता है, और उपराष्ट्रपति के पद की रिक्ति के दौरान या जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहा हो, उस अवधि में वह राज्यसभा के सभापति के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करेगा और उसे राज्यसभा के सभापति को मिलने वाले वेतन या भत्ते प्राप्त करने का अधिकार नहीं होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संविधान के भाग 4A में क्या है?
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प्रकृति में सबसे सशक्त बल है?
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भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 352 में संशोधन करके यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए की जा सकती है, तथा राष्ट्रपति पूरे देश में एक साथ आपातकाल लागू करने के लिए बाध्य था, वह इसके किसी विशिष्ट भाग तक इसे सीमित नहीं कर सकता था।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अनुच्छेद 352 में 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को हटाकर उसकी जगह 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द को जोड़ा गया, और यह भी अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रपति मंत्रिमंडल की लिखित अनुशंसा (Written Recommendation) प्राप्त होने के बाद ही राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है।
3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा ही यह संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की गई कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को निलंबित नहीं किया जा सकता है, तथा अनुच्छेद 359 के तहत अन्य मूल अधिकारों के निलंबन के आदेश को संसद के दोनों सदनों के समक्ष अनुमोदन के लिए रखना अनिवार्य किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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