BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
14 views

हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ?

Detailed Explanation

1576 में अकबर और महाराणा प्रताप के बीच।
Share:

Related Questions

वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में लोहे का व्यापक प्रयोग शुरू हो चुका था और इसे 'कृष्ण अयस' कहा जाता था, जिसके साक्ष्य अतरंजीखेड़ा से मिलते हैं। 2. शतपथ ब्राह्मण में विदेह माधव की कथा का उल्लेख है, जो आर्यों के पूर्वी विस्तार (गंडक नदी तक) और कृषि के प्रसार को दर्शाती है। 3. ऋग्वेद के दसवें मंडल के 'पुरुष सूक्त' में पहली बार चतुर्वरण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) का उल्लेख मिलता है, जो जन्म आधारित कठोरता को दर्शाता है। 4. उपनिषदों को 'वेदांत' भी कहा जाता है, जिनका मुख्य केंद्र दार्शनिक चिंतन, ज्ञानमार्ग, आत्मा (आत्मन्) और ब्रह्मतत्व की मीमांसा करना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगलकालीन प्रशासनिक संस्थाओं और नीतियों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अकबर के शासनकाल में वर्ष 1574-75 के आसपास मनसबदारी व्यवस्था की शुरुआत की गई थी, जिसमें 'जात' पद मनसबदार के व्यक्तिगत वेतन और पद-स्थिति को दर्शाता था, जबकि 'सवार' पद उसके द्वारा रखे जाने वाले घुड़सवार सैनिकों की संख्या को निश्चित करता था। 2. जहाँगीर ने मनसबदारी व्यवस्था में एक नया सुधार करते हुए 'दुअस्पा-सिंहअस्पा' प्रणाली की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत बिना 'जात' पद बढ़ाए किसी मनसबदार को अपने निर्धारित 'सवार' घोड़ों की संख्या दोगुनी करने की अनुमति मिल जाती थी। 3. शाहजहाँ के शासनकाल के अंतिम वर्षों में मनसबदारों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि हो जाने के कारण उन्हें वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त 'खलसा' और 'जागीर' भूमियाँ उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं, जिसके परिणामस्वरूप उत्पन्न इस गंभीर वित्तीय असंतुलन को 'जागीर संकट' कहा जाता है। 4. औरंगजेब ने अपने शासनकाल में चित्रकला को पूरी तरह राजकीय संरक्षण से वंचित कर दिया, संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर कठोर धार्मिक व नैतिक नियमों का पालन करने के लिए 'मुहतसिब' (जन आचरण के निरीक्षकों) की नियुक्ति की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य (ऋग्वैदिक तथा उत्तर-वैदिक काल) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में लोहे का व्यापक ज्ञान था और इसे 'कृष्ण अयस' कहा जाता था, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर जंगलों को साफ करके कृषि योग्य भूमि का विस्तार किया गया था। 2. उत्तर-वैदिक काल में 'सभा' और 'समिति' नामक राजनीतिक संस्थाओं का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया था, और राजा की निरंकुशता को नियंत्रित करने में इनकी भूमिका सर्वोपरि हो गई थी। 3. शतपथ ब्राह्मण में विदेह माधव की कथा का उल्लेख मिलता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आर्यों का भौगोलिक विस्तार सरस्वती घाटी से आगे बढ़कर गंडक (सदानिरा) नदी के तट तक हो गया था। 4. गोत्र व्यवस्था की संस्था का स्पष्ट रूप से प्रादुर्भाव उत्तर-वैदिक काल में हुआ, जिसका मूल अर्थ वह स्थान था जहाँ समूचे कुल का गोधन (गोष्ठ) पाला जाता था, और इस काल में सगोत्र विवाह वर्जित माने जाने लगे थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता के कारणों और इसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस विद्रोह का नेतृत्व विकेंद्रीकृत था और इसमें कोई ऐसा एक सर्वमान्य अखिल भारतीय केंद्रीय नेता या राष्ट्रीय दृष्टिकोण नहीं था जो संपूर्ण देश के विद्रोही बलों को एक सामरिक योजना के तहत संचालित कर सके। 2. अधिकांश भारतीय रियासतों के शासकों, बड़े जमींदारों और नवाबों (जैसे सिंधिया, होलकर, और हैदराबाद के निजाम) ने विद्रोहियों का साथ देने के बजाय ब्रिटिश हुकूमत का सक्रिय समर्थन किया, जिसे लॉर्ड कैनing ने 'तूफानी रात में एकमात्र ब्रेकवाटर' की संज्ञा दी थी। 3. आधुनिक सैन्य उपकरणों, संचार के साधनों (जैसे टेलीग्राफ और रेलवे) तथा संगठित यूरोपीय सेना की तुलना में विद्रोहियों के पास संसाधनों, आधुनिक हथियारों और सैन्य अनुशासन का सर्वथा अभाव था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस तथा आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को गिरफ्तार कर लिया गया, तब उषा मेहता ने गुप्त रूप से 'कांग्रेस रेडियो' (Congress Radio) का संचालन किया, जिसके माध्यम से सुभाष चंद्र बोस नियमित रूप से देशवासियों को स्वतंत्रता संग्राम का संदेश देते थे। 2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1943 में सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Ar-Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की और इस सरकार को जर्मनी, जापान, इटली सहित कुल नौ धुरी राष्ट्रों (Axis Powers) द्वारा आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई थी। 3. आज़ाद हिंद फौज (INA) के भीतर गठित 'सुभाष ब्रिगेड', 'गांधी ब्रिगेड' और 'नेहरू ब्रिगेड' के अतिरिक्त महिलाओं की एक विशेष रेजिमेंट का गठन किया गया था, जिसका नाम 'झांसी की रानी रेजिमेंट' रखा गया था और इसका नेतृत्व कैप्टन लक्ष्मी सहगल ने किया था। 4. वर्ष 1945 के लाल किले के ऐतिहासिक मुकदमों (Red Fort Trials) के दौरान आज़ाद हिंद फौज के अभियुक्त अधिकारियों (शाह नवाज खान, प्रेम सहगल और गुरदयाल सिंह ढिल्लों) की कानूनी पैरवी के लिए गठित बचाव पक्ष समिति के प्रमुख वकील भूलाभाई देसाई थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.