त्वरित लिंक्स
MPTET
18 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'शेपिंग या आकार देना' (Shaping)**—जिसे उस क्रमिक सन्निकटन विधि (Method of Successive Approximations) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल या नए वांछित व्यवहार को तुरंत प्राप्त करने के बजाय, उस अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले छोटे-छोटे क्रमिक चरणों और हर एक सुधरे हुए या निकटवर्ती व्यवहार को लगातार प्रबलित (Reinforce) करके धीरे-धीरे स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के विकास, व्यवहार संशोधन (Behavior Modification) और क्रमिक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से बी. एफ. स्किनर का 'शेपिंग' (Shaping या आकार देना) क्रियाप्रसूत अनुबंधन का एक केंद्रीय और अत्यंत महत्वपूर्ण संप्रत्यय है। 'क्रमिक सन्निकटन विधि' (Method of Successive Approximations) पर आधारित शेपिंग का यह अर्थ है कि जब कोई जटिल व्यवहार एक बार में नहीं सीखा जा सकता, तो उस अंतिम लक्ष्य की दिशा में किए जाने वाले प्रत्येक छोटे और आंशिक रूप से सही प्रयास को सकारात्मक पुनर्बलन देकर धीरे-धीरे उस जटिल व्यवहार को आकार दिया जाता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विशेष रूप से लेखन, वाचन या जटिल गणितीय समस्याओं को हल करने जैसे कौशलों को सिखाने के लिए शिक्षक इस तकनीक का उपयोग करते हैं। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सांस्कृतिक उपकरण या कल्चरल टूल्स' (Cultural Tools / Psychological Tools)**—जिसे उन मनोवैज्ञानिक और भौतिक साधनों (जैसे भाषा, संकेत प्रणालियाँ, लेखन, कला, गिनती के नियम और स्मृति तकनीकें) के रूप में परिभाषित किया जाता है जो संस्कृति द्वारा समाज के सदस्यों को प्रदान किए जाते हैं और जो मनुष्य के उच्चतर मानसिक कार्यों (Higher Mental Functions), विचारों के नियमन और संज्ञानात्मक विकास को आकार देने में मध्यस्थता (Mediation) करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अंतःविषयी ज्ञान निर्माण, संज्ञानात्मक आंतरिकरण (Internalization) और सामाजिक सहभागिता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) और पैट किलपैट्रिक (Pat Kilpatrick) द्वारा प्रतिपादित 'प्रोजेक्ट विधि' (Project Method) या 'योजना पद्धति' के अंतर्गत आने वाले उस मूल चरण की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी वास्तविक जीवन की किसी सामाजिक या प्रायोगिक समस्या के समाधान के लिए एक स्वाभाविक, उद्देश्यपूर्ण कार्य (Purposeful Activity) की रूपरेखा तैयार करते हैं, उसे सामाजिक वातावरण में क्रियान्वित करते हैं और उसके परिणामों का मूल्यांकन करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक कौशल, व्यावहारिक ज्ञान, और लोकतांत्रिक मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतर्निहित दोनों चरणों—(1) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social Contract and Individual Rights) तथा (2) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'नैतिक दुविधा' (Moral Dilemma) और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy)**—जिसे उस व्यक्ति की अपनी क्षमताओं में उस आंतरिक विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से वह किसी विशिष्ट परिस्थिति या चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक क्रियाओं को नियोजित और निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, दृढ़ता, चुनौतियों से निपटने की क्षमता और शैक्षणिक सफलता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रिचर्ड आत्मकेंद्रित और संज्ञानात्मक विकास के अंतर्गत डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रिम संगठनकर्ता या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer)**—जिसे उस pedagogical पेडागोजी तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षक किसी नए और जटिल विषय को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से मौजूद प्रासंगिक पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए आने वाले सूचना-समुच्चय को जोड़ने के लिए एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त परिचयात्मक सामग्री (Introductory Material) प्रस्तुत करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, अवधारण और सार्थक ज्ञान-संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.