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हावर्ड गार्डनर के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के 'बुद्धि के त्रितय सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) का विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, जब हम स्टर्नबर्ग के घटकीय (Componential/Analytic), अनुभवात्मक (Experiential/Creative), और संदर्भात्मक (Contextual/Practical) उप-सिद्धांतों की तुलना गार्डनर की स्वतंत्र बुद्धियों के स्वरूप से करते हैं, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के सबसे मौलिक दार्शनिक और सैद्धांतिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) ने 1983 में अपने बहु-बुद्धि सिद्धांत के माध्यम से यह प्रतिपादित किया कि बुद्धि कोई एक सामान्य इकाई नहीं है, बल्कि यह कई स्वायत्त क्षमताओं (जैसे भाषाई, तार्किक-गणितीय, संगीतात्मक, स्थानिक आदि) का समुच्चय है। इसके विपरीत, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) का त्रितय सिद्धांत (Triarchic Theory) इस बात पर केंद्रित है कि व्यक्ति पर्यावरण के साथ कैसे अंतःक्रिया करता है और वह सूचना को कैसे प्रसंस्कृत (Process) करता है, जिसके अंतर्गत विश्लेषणात्मक, सृजनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि आती है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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