त्वरित लिंक्स
Child Development
19 views
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सी कक्षा-कक्षीय विशेषता इस शिक्षा दर्शन के मूल उद्देश्यों को सबसे अधिक प्रभावी रूप से प्रतिबिंबित करती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) अमेरिकी दार्शनिक और शिक्षाविद् जॉन डीवी के विचारों पर आधारित है, जो यह मानती है कि शिक्षा केवल भविष्य के जीवन की तैयारी नहीं है, बल्कि यह स्वयं जीवन है। इस दृष्टिकोण के अनुसार, कक्षा का वातावरण ऐसा होना चाहिए जहाँ बच्चे निष्क्रिय श्रोता न बनकर 'करके सीखने' (Learning by Doing) और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सक्रिय रूप से ज्ञान का निर्माण करें। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक (Neuropsychological) वर्गीकरण के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकेलकुलिया' (Dyscalculia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) की तात्विक और स्नायुवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी मौखिक भाषा को समझने, उसके अर्थ ग्रहण करने तथा वैचारिक संप्रेषण में गंभीर कठिनाई का सामना करता है—जबकि उसकी श्रवण क्षमता, सामान्य बौद्धिक स्तर और अन्य संज्ञानात्मक कार्य पूर्णतः सामान्य हैं—तो इस विशिष्ट विकासात्मक भाषा विकार (Developmental Language Disorder) को वैज्ञानिक रूप से किस श्रेणी में रखा जाएगा?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत 'अंतःक्रिया' (Social Interaction), 'संस्कृति' (Culture) और 'भाषा' (Language) के त्रि-आयामी अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास की वास्तविक प्रक्रिया किस प्रकार गतिशीलता प्राप्त करती है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'संज्ञानात्मक उपकरणों' (Cultural Tools) और 'भाषा' के अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई बालक किसी कठिन समस्या को हल करते समय ऊँची आवाज़ में खुद से बातें करता है (जिसे वाइगोत्स्की ने 'निजी भाषण' या Private Speech कहा है), तो इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया और बाल्यावस्था के संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) में Deficiency Needs (D-needs) और Growth Needs (B-needs) के बीच के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मैस्लो के इस सिद्धांत के उस मूल मर्म को सर्वाधिक सटीक रूप से दर्शाता है जो 'कमी आधारित आवश्यकताओं' से 'विकास आधारित आवश्यकताओं' की ओर संक्रमण को स्पष्ट करता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का उभरना है। जब एक adolescent (किशोर) किसी जटिल वैज्ञानिक या तार्किक समस्या का समाधान करते समय केवल प्रत्यक्ष या मूर्त साक्ष्यों पर निर्भर रहने के बजाय, सभी संभावित चर (Variables) की पहचान करता है, मानसिक रूप से परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ता है और फिर तार्किक रूप से निष्कर्षों का परीक्षण करता है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक परिपक्वता बालक की किस मूल मानसिक क्षमता और संरचनात्मक परिवर्तन को दर्शाती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.