त्वरित लिंक्स
Child Development
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गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कुर्ट कोफ्का और वुल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के दार्शनिक और संज्ञानात्मक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यह सिद्धांत थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) से किस मूलभूत तात्विक बिंदु पर भिन्न है और समस्या समाधान की प्रक्रिया को किस रूप में परिभाषित करता है?
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Detailed Explanation
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के अंतर्गत वुल्फगांग कोहलर ने चिम्पाजी पर प्रयोग करके 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' को प्रतिपादित किया। इसके अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक या क्रमिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जब प्राणी किसी समस्या की पूरी परिस्थिति (Field) को समग्र रूप से देखता है, तो अचानक उसे समाधान सूझता है। इसमें मस्तिष्क द्वारा संपूर्ण परिस्थिति का संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) किया जाता है। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के सिद्धांतों के संदर्भ में, सी.एच. जूड (C.H. Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) और ई.एल. थार्नडाइक (E.L. Thorndike) के 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के बीच सबसे मौलिक सैद्धांतिक अंतर निम्नलिखित में से क्या है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत बाल-केंद्रित शिक्षा, रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति और मूल्यांकन की सतत प्रणालियों के तात्विक और वैधानिक प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्निहित शैक्षणिक दर्शन को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से व्यक्त करता है?
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