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History of India
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हुमायूँ ने किस वर्ष सरहिंद के युद्ध में सूर वंश को हराकर पुनः दिल्ली की गद्दी प्राप्त की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1555 में सरहिंद विजय के बाद हुमायूँ वापस आया।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में स्वतंत्रता संग्राम के दो प्रमुख स्तंभों—वीर कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह—के नेतृत्व, सैन्य रणनीतियों और संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जगदीशपुर के 80 वर्षीय जमींदार वीर कुंवर सिंह ने जुलाई 1857 में दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के साथ मिलकर आरा पर अधिकार कर लिया था, और ब्रिटिश सेनापति मेजर विन्सेंट आयर के विरुद्ध 'बिहिया के जंगल' और 'जगदीशपुर के युद्ध' में अद्वितीय सैन्य कौशल का परिचय दिया था।
2. वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजों को चकमा देने के लिए अपनी सेना के साथ गंगा नदी पार करते समय ब्रिटिश गोलियों से घायल होने के कारण अपने हाथ को स्वयं काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था, और अंततः अप्रैल 1858 में अपनी रियासत जगदीशपुर को अंग्रेजों से मुक्त कराकर वहाँ पुनः विजय पताका फहराई थी।
3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद उनके भाई अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों (जुड़ी पहाड़ियों) से अंग्रेजों के खिलाफ लंबे समय तक 'छापामार युद्ध' (Guerrilla Warfare) जारी रखा और शाहबाद क्षेत्र में एक समानांतर सरकार चलाकर ब्रिटिश सत्ता को गहरी चुनौती दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी जैसी रियासतों का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय कर दिया गया, जिससे पारंपरिक शासक वर्ग और उनके आश्रितों में गहरा राजनीतिक असंतोष फैल गया।
2. वर्ष 1850 में पारित 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के माध्यम से हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तित होने वाले व्यक्ति को उसके पैतृक संपत्ति के अधिकारों से वंचित करने वाले पुराने कानून को संशोधित किया गया, जिसे रूढ़िवादी भारतीयों ने ईसाईकरण के षड्यंत्र के रूप में देखा।
3. ब्रिटिश औपनिवेशिक आर्थिक नीतियों ने भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिससे दस्तकार और कारीगर बेरोजगार होकर कृषि पर आश्रित हो गए, जबकि भू-राजस्व की कठोर प्रणालियों ने किसानों को भारी कर्ज के जाल में फंसा दिया।
4. कंपनी द्वारा वर्ष 1856 में पारित 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के तहत भारतीय सैनिकों (सिपाहियों) के लिए समुद्र पार (विदेश) जाकर सेवा करना अनिवार्य कर दिया गया, जिसे तत्कालीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जाति और धर्म भ्रष्ट होने का मुख्य कारण माना गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, बौद्ध धर्म और जैन धर्म के वैचारिक दर्शन, उनके संप्रदायों तथा संगीति (Councils) के आयोजनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध धर्म के द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में कालाशोक के शासनकाल में हुआ था, जिसमें संघ 'स्थविरवाद' और 'महासांगिक' संप्रदायों में स्थायी रूप से विभाजित हो गया, जबकि चतुर्थ बौद्ध संगीति कनिष्क के शासनकाल में कुण्डलमणि (कश्मीर) में हुई थी, जिसमें बौद्ध धर्म 'हीनयान' और 'महायान' में बंट गया।
2. जैन धर्म के श्वेतांबर संप्रदाय के अनुयायी स्थूलभद्र के नेतृत्व में श्वेत वस्त्र धारण करते हैं, जबकि दिगंबर संप्रदाय के अनुयायी भद्रबाहु के मार्गदर्शन में नग्न रहने के नियम का पालन करते हैं, और जैन परंपरा के अनुसार भगवान महावीर की मृत्यु के पश्चात पावापुरी में प्रथम जैन संगीति का आयोजन किया गया था जिसमें आगम ग्रंथों का संकलन किया गया था।
3. बौद्ध दर्शन के 'प्रतीत्यसमुत्पाद' (कारण-कार्य सिद्धांत) और जैन दर्शन के 'स्याद्वाद' (अनेकांतवाद) दोनों ही अलौकिक ईश्वर की सत्ता को नकारते हैं, किंतु जैन धर्म आत्मा (जीव) की स्वतंत्र और नित्य अस्तित्व को स्वीकार करता है, जबकि बौद्ध धर्म अनात्मवादी (अनात्मन्) है जो आत्मा के शाश्वत अस्तित्व को नहीं मानता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और माउंटबेटन योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं को यह अधिकार दिया गया था कि वे अपने-अपने प्रांतों के विभाजन के प्रश्न पर मतदान करें, जिसके तहत बंगाल विधानसभा ने विभाजित न होने के पक्ष में निर्णय लिया था जबकि पंजाब विधानसभा ने विभाजन के पक्ष में मतदान किया था।
2. इस योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसी एक के साथ मिलने का निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) का प्रावधान किया गया था, जिसमें दोनों स्थानों ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान किया।
3. भारत और पाकिस्तान के मध्य सीमाओं के निर्धारण के लिए सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) ने अपनी रिपोर्ट 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही प्रस्तुत कर दी थी, किंतु स्वतंत्रता दिवस के जश्न के तुरंत बाद इसे सार्वजनिक किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' और क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के द्वारा भारत में 'कंपनी शासन' (Rule of the Company) को समाप्त कर दिया गया और ब्रिटिश क्राउन (Crown) ने भारत का प्रत्यक्ष प्रशासन अपने हाथों में ले लिया, तथा ब्रिटिश मंत्रिमंडल में एक नए पद 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का सृजन किया गया, जिसे सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (India Council) दी गई।
2. क्वीन विक्टोरिया की घोषणा (जिसे 'मैग्नाकार्टा' भी कहा जाता है) में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतें हड़पने की नीति (Doctrine of Lapse) को भविष्य में भी जारी रखेगी ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे और राजाओं को उत्तराधिकारी गोद लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
3. इस घोषणा में भारतीयों को उनके नस्ल, धर्म या जन्मस्थान के आधार पर बिना किसी भेदभाव के योग्यता के अनुसार सरकारी सेवाओं में नियुक्त किए जाने का विश्वास दिलाया गया, तथा प्राचीन भारतीय परंपराओं और धार्मिक सामाजिक आचार-विचारों में अहस्तक्षेप की नीति अपनाने की घोषणा की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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