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History of India
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अकबर का राज्यकाल कब से कब तक था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1556 से 1605 तक शासन किया।
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वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के पल्लव एवं चालुक्य राजवंशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्द्धन ने अपने शासनकाल के प्रारंभिक दौर में कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया और धर्म की रक्षा के लिए 'महामोक्ष परिषद' का आयोजन प्रयाग में प्रत्येक पांचवें वर्ष किया करता था, जिसमें वह अपनी समस्त संपत्ति दान कर देता था।
2. बादामी के चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्द्धन को पराजित कर 'परमेश्वर' की उपाधि धारण की थी, तथा इस ऐतिहासिक संघर्ष का विस्तृत विवरण पुलकेशिन द्वितीय के 'ऐहोल अभिलेख' में मिलता है जिसकी रचना उसके दरबारी कवि रवि कीर्ति ने की थी।
3. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय को पराजित कर 'वातापीकोंड' (वातापी का विजेता) की उपाधि धारण की थी, और इसी के शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने पल्लवों की राजधानी कांचीपुरम की यात्रा की थी।
4. कांची के कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण पल्लव शासक राजसिंह (नंदिवर्मन द्वितीय) ने करवाया था, जो द्रविड़ वास्तुकला शैली का एक उत्कृष्ट और शुरुआती उदाहरण है, जिसमें पत्थरों को काटकर बनाए गए रथ मंदिरों का पूर्ण अभाव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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बिहार में 1857 के महान विद्रोह के दौरान वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व, सैन्य रणनीतियों तथा संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वीर कुंवर सिंह ने आरा पर अधिकार करने के पश्चात अंग्रेजी सेना के विरुद्ध परंपरागत युद्धशैली का त्याग कर छापामार (गोरिल्ला) युद्ध प्रणाली को अपनाया और गंगा नदी पार करते समय ब्रिटिश सेनापति डगलस की गोलियों का सामना करते हुए अपने बाएं हाथ को काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था।
2. अमर सिंह ने वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत जगदीशपुर के जंगलों, कैमूर की पहाड़ियों और रोहतास के क्षेत्रों से ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व जारी रखा और ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देते हुए अपनी स्वतंत्र सरकार स्थापित कर ली थी।
3. अमर सिंह द्वारा संचालित इस समानांतर प्रशासन और सैन्य अभियानों का दमन करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने मेजर जनरल डगलस और विंसेंट आयर को विशेष रूप से नियुक्त किया था, जिन्होंने कैमूर की पहाड़ियों में कड़े संघर्ष के बाद इस विद्रोह को पूरी तरह कुचला।
4. वर्ष 1858 के अंत में नेपाल के तराई क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के साथ हुई एक अंतिम झड़प में अमर सिंह वीरगति को प्राप्त हुए थे, जिसके साथ ही बिहार में 1857 के विद्रोह की अंतिम संगठित ज्वाला समाप्त हो गई थी.
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जनरल जॉन निकलसन - दिल्ली
2. मेजर जनरल सर ह्यूरोज़ - झाँसी और ग्वालियर
3. कर्नल जेम्स आउट्राम - लखनऊ और अवध
4. कैंपबेल (सर कॉलिन कैंपबेल) - कानपुर और बिहार
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गांधी-इरविन समझौते (5 मार्च 1931) के तहत वायसराय इरविन ने उन सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा करना स्वीकार कर लिया था जिन पर हिंसा के गंभीर आरोप थे या जो हत्या के मामलों में सजा काट रहे थे।
2. कराची में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1931 के अधिवेशन में गांधी-इरविन समझौते को समर्थन प्रदान किया गया था, और इसी अधिवेशन में महात्मा गांधी ने प्रसिद्ध यह कथन कहा था कि "गांधी मर सकता है, परंतु गांधीवाद हमेशा जीवित रहेगा।"
3. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में भाग लेने के लिए महात्मा गांधी 'एस.एस. राजपूताना' नामक जहाज से लंदन गए थे, जहाँ उन्होंने न केवल कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया, बल्कि 'कम्युनल अवार्ड' के मुद्दे पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर के साथ हुए समझौते के तहत पृथक् निर्वाचन प्रणालियों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया था।
4. वर्ष 1932 में जब महात्मा गांधी यरवदा जेल में थे, तब ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड द्वारा घोषित 'कम्युनल अवार्ड' के विरोध में उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप डॉ. अंबेडकर और गांधीजी के समर्थकों के बीच 'पूना पैक्ट' पर हस्ताक्षर हुए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के स्वरूप और उसके मूल्यांकन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश इतिहासकार ने यह मत व्यक्त किया था कि 'यह विद्रोह विशुद्ध रूप से एक सिपाही विद्रोह (Sepoy Mutiny) था, जिसमें राष्ट्रीयता का अभाव था और यह अंग्रेजों के प्रति नस्लीय घृणा व अंधाधुंध सत्ता प्राप्ति का प्रयास मात्र था'?
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