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Child Development
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गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दियोंमार, कर्ट कोफ्का और वुल्फगांग कोहलर—द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत, पारंपरिक यांत्रिक व क्रमिक (Trial and Error) अधिगम के विपरीत, 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अचानक अंतर्दृष्टि' (Sudden Insight) के उदय होने की प्रक्रिया का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की वास्तविक तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्टवादी मनोविज्ञान के अनुसार, सीखना केवल यांत्रिक प्रयास और त्रुटि नहीं है, बल्कि संपूर्ण परिस्थिति के प्रत्यक्ष अवलोकन द्वारा मानसिक पुनर्गठन है। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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Related Questions

→ जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक संतुलन' (Equilibration), 'आत्मसाತ್मीकरण' (Assimilation), और 'समायोजन' (Accommodation) की तात्विक एवं क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब कोई बालक अपनी पूर्व-मौजूदा स्कीमा (Schema) में नए अनुभवों या सूचनाओं को समायोजित करने में असमर्थ होता है और मानसिक असंतुलन या संज्ञानात्मक द्वंद्व (Cognitive Conflict) की स्थिति उत्पन्न होती है, तब इस संपूर्ण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत और बाल-केंद्रित शिक्षा के संदर्भात्मक, दार्शनिक तथा व्यावहारिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कक्षा-कक्षीय परिवेश में इन शैक्षिक सुधारों के सबसे मौलिक और मनोवैज्ञानिक उद्देश्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → वोल्फगैंग कोहलर द्वारा सुल्तान नामक चिंपैंजी पर किए गए प्रयोगों पर आधारित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संदर्भ में, जब चिंपैंजी ने बक्से को एक-दूसरे के ऊपर रखकर या छड़ियों को जोड़कर केले तक पहुँचने की समस्या का अचानक समाधान निकाला, तो इस संज्ञानात्मक अधिगम प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—के तात्विक और मनोवैज्ञानिक भेदों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों चरणों के बीच की वास्तविक वैचारिक भिन्नता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत निर्धारित 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन की प्रक्रिया' का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना', 'रटने की प्रणाली से मुक्ति दिलाना', और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)' को अपनाते हुए भयमुक्त, समावेशी एवं बाल-केंद्रित वातावरण का निर्माण करता है, तो इन वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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