BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
15 views

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षण के संदर्भ में, 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस शिक्षण उपागम की सबसे मौलिक और व्यावहारिक विशेषता को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) एक ऐसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक रणनीति है जो यह मानती है कि कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की गति, पूर्व ज्ञान, रुचि और क्षमता भिन्न होती है। इसके अंतर्गत शिक्षक पाठ्यचर्या, शिक्षण विधियों, सीखने की सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में आवश्यकतानुसार लचीलापन लाते हैं ताकि शारीरिक, मानसिक या सामाजिक रूप से भिन्न सभी बच्चे अपनी पूरी क्षमता का विकास कर सकें। इस pedagogical दृष्टिकोण के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के संदर्भ में, जब किसी शिक्षार्थी को अपने शरीर की गतियों और मांसपेशियों के संचालन के बीच सूक्ष्म समन्वय (Fine Motor Coordination) स्थापित करने में गंभीर कठिनाई होती है, जिससे उसे न केवल लिखने, चित्र बनाने या कैंची से आकृतियाँ काटने में भारी बाधा आती है, बल्कि उसे अपने विचारों को लिखित रूप में सुसंगत ढंग से पिरोने में भी अत्यधिक संघर्ष करना पड़ता है, तब इस तांत्रिक तंत्र (Neurological) संबंधी विकार को किस विशिष्ट नाम से जाना जाता है और इसकी मुख्य विशेषता क्या है? → बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) तथा गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत (Multiple Intelligences Theory) के विपरीत, लुईस थर्स्टन (Louis Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का सिद्धांत' (Theory of Primary Mental Abilities) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, थर्स्टन ने अपने कारक विश्लेषण (Factor Analysis) के आधार पर बुद्धि को कितने स्वतंत्र प्राथमिक घटकों में वर्गीकृत किया था, और उनके इस मॉडल की सबसे प्रमुख पद्धतिगत विशेषता क्या थी? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में, जॉन डीवी के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के दर्शन और बाल-केंद्रित शिक्षा के वैचारिक ढांचे का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली की वास्तविक तात्विक और कक्षा-कक्षीय विशेषताओं को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) से गुजर रहा होता है, तो उसकी सोच में 'सकेंद्रीयता' (Centration) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) जैसी सीमाएँ पाई जाती हैं। इस संदर्भ में, यदि किसी बच्चे को एक ही आकार के दो समान गिलासों से पानी एक लंबे और पतले गिलास में उड़ेल कर दिखाया जाए और वह यह निष्कर्ष निकाले कि लंबे गिलास में पानी की मात्रा अधिक है, तो पियाजे के अनुसार बच्चे की यह असमर्थता मुख्य रूप से किस मानसिक संक्रिया के अभाव को दर्शाती है? → NCF 2005 सिफारिश करता है कि :
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.