त्वरित लिंक्स
History of India
33 views
दीवान-ए-आम:
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जनता के लिए दरबार।
Related Questions
→
गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल के दौरान प्रशासनिक शब्दावलियों, भूमि व्यवस्था और आर्थिक संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में 'निवीधर्माक्षय' (Nividharma akshaya) एक ऐसी स्थायी भूमि-अनुदान व्यवस्था थी जिसमें प्राप्तकर्ता को भूमि को बेचने या दान देने का अधिकार तो होता था, किंतु वह सम्राट की अनुमति के बिना उस भूमि से कर एकत्र नहीं कर सकता था।
2. मौर्योत्तर काल में सातवाहन शासकों द्वारा शुरू की गई भूमि अनुदान प्रथा का मुख्य उद्देश्य बौद्ध संघों और ब्राह्मणों को धार्मिक पुण्य अर्जित करने के लिए भूमि दान देना था, जिसने आगे चलकर सामंती प्रवृत्तियों (Feudalism) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
3. गुप्त प्रशासनिक व्यवस्था में 'अग्रहार' भूमि वह कर-मुक्त भूमि होती थी जो सामान्यतः विद्वान ब्राह्मणों को दान दी जाती थी, और इस पर राज्य द्वारा किसी भी प्रकार का भू-राजस्व नहीं वसूला जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश विद्रोह दमनकर्ताओं और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली
2. कैंपबेल — लखनऊ
3. ह्यूरोज — कानपुर
4. आउट्राम और हैवलॉक — अवध एवं लखनऊ
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
→
सविनय अवज्ञा आंदोलन के द्वितीय चरण और गांधी-इरविन समझौते के पश्चात वर्ष 1931 में आयोजित 'द्वितीय गोलमेज सम्मेलन' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, तथा कांग्रेस ने सांप्रदायिक अधિનिर्णय (Communal Award) और अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर ब्रिटिश सरकार के साथ पूर्ण सहमति व्यक्त की थी।
2. इस सम्मेलन में महात्मा गांधी ने भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' की मांग का पुरजोर समर्थन किया और ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड के समक्ष तुरंत पूर्ण स्वराज (Complete Independence) का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।
3. सम्मेलन के दौरान दलित वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सभी दलित जातियों के लिए एक पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electorate) की मांग की थी, जिसे महात्मा गांधी ने हिंदू समाज के विघटन का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के दौरान स्थापित विभिन्न संगठनों, उनके संस्थापकों तथा उनके वैचारिक दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और जन्मगत जाति व्यवस्था का जोरदार खंडन किया, किंतु इसने पाश्चात्य शिक्षा और तर्कवाद को अपनाते हुए भी उपनिषदों के एकेश्वरवादी सिद्धांतों को अपने धार्मिक दर्शन का आधार बनाया।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपरिवर्तनीय तथा अपौरुषेय मानते हुए मूर्तिपूजा, अवतारवाद और कर्मकांडों का समर्थन किया।
3. आत्माराम पांडुरंग द्वारा 1867 में स्थापित 'प्रार्थना समाज' का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र में भक्ति परंपरा के आधार पर सामाजिक सुधार करना था, जिसने अंतर-जातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा के प्रसार पर विशेष बल दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोही गतिविधियों के नेतृत्व, मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका और इस क्षेत्र में ब्रिटिश सैन्य दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ से दिल्ली पहुँचे विद्रोही सिपाहियों ने 11 मई 1857 को लाल किले में प्रवेश कर वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, भारत का 'शहंशाह-ए-हिंद' (सम्राट) घोषित कर दिया, जिससे इस स्थानीय सैनिक विद्रोह को एक अखिल भारतीय वैधता और राजनीतिक प्रतीक मिल गया।
2. यद्यपि बहादुर शाह जफर ने स्वयं कभी प्रत्यक्ष रूप से युद्ध के मैदान का नेतृत्व नहीं किया, तथापि उनके नाम और फरमानों का उपयोग कर देश भर के राजाओं और सैनिकों को अंग्रेजों के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया गया था।
3. दिल्ली में विद्रोहियों की वास्तविक सैन्य कमान जनरल बख्त खान के हाथों में थी, जो बरेली से आए सैनिकों के मुख्य नेता थे और उन्होंने सम्राट को सलाह दी थी कि ब्रिटिश सेना के पुनर्गठन से पूर्व निर्णायक हमला किया जाए, किंतु आपसी गुटबाजी के कारण यह प्रभावी रणनीति धरी रह गई।
4. दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सेना ने जॉन निकलसन और हडसन के नेतृत्व में भीषण घेराबंदी की, और अंततः लाल किले पर अधिकार करने के बाद हडसन ने राजकुमारों (मिर्जा मुगल और खिज्र सुल्तान) को गोली से उड़ा दिया तथा बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया, जहाँ 1862 में उनकी मृत्यु हो गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.