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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, स्वाधीनता आंदोलन और प्रमुख संस्थानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1921 में उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रान्त) की प्रांतीय राजधानी को तत्कालीन राजनीतिक और प्रशासनिक कारणों से 'आगरा' से बदलकर 'लखनऊ' पूर्ण रूप से स्थानांतरित कर दिया गया था।
- 2. उत्तर प्रदेश में 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' का ऐतिहासिक अधिवेशन वर्ष 1925 में कानपुर में आयोजित हुआ था, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती सरोजिनी नायडू ने की थी और वह कांग्रेस की अध्यक्षता करने वाली पहली भारतीय महिला थीं।
- 3. वाराणसी में स्थित 'संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय' की स्थापना वर्ष 1791 में ब्रिटिश रेजिडेंट जोनाथन डंकन द्वारा 'बनारस संस्कृत कॉलेज' के रूप में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन हिंदू कानून और दर्शन का अध्ययन करना था।
- 4. चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना 4 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले में हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि संयुक्त प्रान्त (United Provinces) की राजधानी को आंशिक रूप से 1921 में लखनऊ स्थानांतरित किया गया था, किंतु इसे पूर्ण राजधानी का दर्जा वर्ष 1935 में प्राप्त हुआ था। इसके अलावा 1858 से पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी आगरा ही थी, जिसे 1858 में 1857 की क्रांति के बाद इलाहाबाद (प्रयागराज) स्थानांतरित किया गया था, और फिर 1921 से लखनऊ की ओर प्रक्रिया शुरू हुई। कथन 2 बिल्कुल सही है; 1925 का कानपुर कांग्रेस अधिवेशन बहुत महत्वपूर्ण था जिसकी अध्यक्षता सरोजिनी नायडू ने की थी। कथन 3 सही है, जोनाथन डंकन ने 1791 में बनारस संस्कृत कॉलेज की स्थापना की थी जो बाद में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय बना। कथन 4 भी बिल्कुल सही है, चौरी-चौरा कांड 4 फरवरी 1922 को गोरखपुर में हुआ था जिससे क्षुब्ध होकर गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। अतः विकल्प (b) सही है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, उनकी उत्पत्ति से जुड़े क्षेत्रों और उनके विशेष अवसरों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'छपेली' नृत्य उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रमुख लोक नृत्य है, जिसमें नर्तक एक हाथ में रुमाल और दूसरे हाथ में शीशा लेकर राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों का प्रदर्शन करते हैं।
2. 'ख्याल' नृत्य उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष रूप से किया जाता है, जिसमें रंग-बिरंगे कागजों और बांस से बने मंदिरनुमा प्रतीकों को सिर पर रखकर नर्तक प्रदर्शन करते हैं।
3. 'धीवर' (धिवर) नृत्य कहार जाति के लोगों द्वारा शुभ अवसरों पर किया जाने वाला एक प्रमुख नृत्य है, जिसकी शैली मयूर नृत्य से मिलती-जुलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' किस अवस्था की विशेषता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (G-Factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (S-Factor) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके संज्ञानात्मक कार्यों में अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, पक्षी विहारों और उनकी स्थापना वर्ष तथा अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार - चंदौली (राज्य का पहला वन्यजीव विहार, जिसकी स्थापना 1957 में की गई थी)
2. नवाबगंज पक्षी विहार (वर्तमान में चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) - उन्नाव (राज्य का पहला पक्षी विहार, स्थापित 1984)
3. समसपुर पक्षी विहार - रायबरेली (स्थापित 1987)
4. ओखला पक्षी विहार - गौतम बुद्ध नगर एवं गाजियाबाद की सीमा (स्थापित 1995)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा यह समझने लगता है कि किसी वस्तु का आकार या रूप बदल जाने पर भी उसका द्रव्यमान, भार और आयतन अपरिवर्तित (समान) रहता है, तो पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की यह अवस्था निम्नलिखित में से किस नाम से जानी जाती है और यह किस बौद्धिक क्षमता को दर्शाती है?
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