त्वरित लिंक्स
UPTET
12 views
लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) की अवधारणा का क्या तात्पर्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वायगोत्स्की के अनुसार, समीपस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो एक बालक किसी कार्य को स्वतंत्र रूप से करने की क्षमता और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के निर्देशन में उस कार्य को करने की क्षमता के बीच होता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensorimotor Cortex) के बीच क्रॉस-डोमेन न्यूरल रीमैपिंग (Cross-domain Neural Remapping), सिनेप्टिक प्लास्टिसिटी (Synaptic Plasticity), और पैटर्न जनरलाइजेशन (Pattern Generalization) की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जूड (Charles Judd) के 'सामान्यीकरण के सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ट्रांसफर ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Transfer Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल के सामान्यीकरण, दूरवर्ती समस्याओं के समाधान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की रणनीतियाँ और metacognition (अधि-संज्ञानात्मक्ता)' के संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'अधि-संज्ञानात्मक ज्ञान और विनियमन' (Metacognitive Knowledge and Regulation) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) और 'इंसुला' (Insula) के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि पहचान (Error Detection) और संज्ञानात्मक नियंत्रण (Cognitive Control) की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड ब्राउन (Ann L. Brown) द्वारा प्रतिपादित 'अधि-संज्ञानात्मक रणनीतियों के कार्यकारी प्रबंधन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, स्व-नियामक अधिगम (Self-Regulated Learning - SRL) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, स्वायत्त समस्या-समाधान व चिंतन कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theories of Personality) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हांस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित 'त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल' (Three-Factor Model: एक्सट्रोवर्शन, न्यूरोटिसिज्म और साइकोटिसिज्म) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'असेंडिंग रेटिकुलॉर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (ARAS), 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System - विशेष रूप से एमिकडाला और हिप्पोकैम्पस), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच कॉर्टिकल अरसॉल विनियमन (Cortical Arousal Regulation), भावनात्मक प्रतिक्रियाशीलता, और आवेग नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट मैक्रे और पॉल कोस्टा (McCrae & Costa) के 'पंच-कारक मॉडल' (Big Five Personality Traits) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान, अनुकूली शिक्षण रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और मृदा प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 (नौ) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, और यहाँ पाई जाने वाली 'परवा' (Parwa) मृदा मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र की एक हल्की दोमट मृदा है जिसमें बालू और चिकनी मिट्टी का मिश्रण होता है, जो चना और ज्वार की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'रूँड़' (Rund) या कछार की मिट्टी हर साल बाढ़ के पानी द्वारा लाई जाती है, जिसके कारण यह अत्यंत उपजाऊ होती है और इसमें पोटाश तथा चूने की अधिकता होती है, किंतु नाइट्रोजन की भारी कमी पाई जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाबर' (Bhabhar) मृदा में से 'भाबर' मृदा मुख्य रूप से सहारनपुर से लेकर कुशीनगर तक तराई के ठीक उत्तर में कंकड़-पत्थर और मोटे रेत से युक्त होती है, जहाँ नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं और कृषि कार्य के लिए यह अत्यधिक उपजाऊ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और राष्ट्रीय पार्कों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर स्थित है, जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था और यह प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत भी शामिल है।
2. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मुरादाबाद और आज़मगढ़ जिलों में फैला 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना मुख्य रूप से दलदली हिरण (बारासिंगा) और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए की गई थी।
3. उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित 'सूर सरोवर पक्षी विहार' (Sur Sarovar Bird Sanctuary) राज्य का सबसे पुराना पक्षी विहार है, जिसे कीथम झील के नाम से भी जाना जाता है और यह प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.