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उत्तर प्रदेश में 'नवाबगंज पक्षी विहार' किस जनपद में स्थित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
नवाबगंज पक्षी विहार (चन्द्रशेखर आजाद पक्षी अभ्यारण्य) उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में स्थित है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भू-आकृतिक विभाजनों और जलवायु के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के सबसे उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर' पेटी शिवालिक पहाड़ियों के पाद-प्रदेश में पश्चिम में सहारनपुर से लेकर पूर्व में कुशीनगर तक फैली हुई है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थरों के नीचे विलुप्त हो जाती हैं।
2. 'तराई' क्षेत्र भाबर के ठीक दक्षिण में स्थित एक दलदली और नम क्षेत्र है, जहाँ घने वनों के कटान के बाद कृषि विशेषकर धान और गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश का अधिकांश पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र प्राचीन गोंडवाना लैंड की चट्टानों का हिस्सा है, जहाँ ग्रीष्मकाल में अत्यधिक तापमान और शीतकाल में सामान्य ठंड पड़ती है।
4. उत्तर प्रदेश में मानसूनी हवाओं से होने वाली वर्षा का वितरण पूर्व से पश्चिम और दक्षिण से उत्तर की ओर क्रमशः घटता जाता है, जिसके कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसत वर्षा कम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत वित्तीय आपातकाल की घोषणा का प्रावधान किया गया है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा तथा इसके साथ प्रयुक्त 'मचान या पाड़' (Scaffolding) तकनीक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय दर्शन और उपनिषद काल के संदर्भ में, उत्तर प्रदेश से जुड़े निम्नलिखित ऐतिहासिक एवं दार्शनिक केंद्रों पर विचार कीजिए:
1. कौशाम्बी (जो वत्स महाजनपद की राजधानी थी) में स्थित 'घोषइटाराम विहार' में महात्मा बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक वर्षावास व्यतीत किए थे और यहीं पर दार्शनिक उद्दालक आरुणि का मुख्य आश्रम था।
2. 'वाराणसी' (काशी) उपनिषद काल में ब्रह्म विद्या और दार्शनिक बहसों का एक प्रमुख केंद्र था, जहाँ राजा अजातशत्रु के दरबार में गार्गी, याज्ञवल्क्य और उद्दालक आरुणि जैसे महान दार्शनिकों के बीच आत्म-विद्या पर संवाद हुए थे।
3. 'श्रावस्ती' (कोशला राज्य की राजधानी) में स्थित 'जेतवन' विहार को व्यापारी अनाथपिंडक ने सुदात्त की भूमि खरीदकर बौद्ध संघ को दान दिया था, जहाँ बुद्ध ने अपने अधिकांश उपदेश दिए और कई भिक्षुओं को उच्च शिक्षा प्रदान की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने पर्यावरण के साथ सक्रिय अन्वेषण (Active Exploration) द्वारा करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार उच्च मानसिक क्रियाओं का विकास मुख्य रूप से सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के आंतरिकरण (Internalization) के माध्यम से होता है।
2. पियाजे द्वारा प्रस्तावित 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को वाइगोत्स्की ने बालक के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामाजिक बाधा माना है, और उनके अनुसार यह वयस्कों की नकल मात्र है जिसका संज्ञानात्मक विकास से कोई सीधा संबंध नहीं होता है।
3. वाइगोत्स्की के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा यह दर्शाती है कि अधिगम का वास्तविक स्तर और संभावित स्तर के बीच का अंतर केवल जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) द्वारा निर्धारित होता है, न कि किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के सहयोग से।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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