त्वरित लिंक्स
UPTET
10 views
लेव वाइगोत्스키 के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) का क्या अर्थ है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) वह अंतर है जो एक बालक किसी कार्य को स्वतंत्र रूप से (बिना मदद के) करने की क्षमता और किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) के मार्गदर्शन या सहयोग से उस कार्य को करने की क्षमता के बीच होता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि संदर्भ में, 'तराई क्षेत्र' (Terai Region) की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित में से कौन सी हैं?
→
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, राष्ट्रीय उद्यानों और पक्षी विहारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का प्रथम वन्यजीव विहार 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' है, जो चंदौली जिले में स्थित है और इसकी स्थापना वर्ष 1957 में की गई थी।
2. 'दुधवा राष्ट्रीय उद्यान' (Dudhwa National Park) लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा पर स्थित है, जिसे वर्ष 1977 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था और यह प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत भी शामिल है।
3. 'लाख बहोसी पक्षी विहार' कन्नौज जिले में स्थित है, जो क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना सिद्धांत' (Universal Ethical Principle Orientation) की सबसे सटीक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'सांख्य दर्शन' और उसके प्रणेता महर्षि कपिल द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सांख्य दर्शन भारत के सबसे प्राचीन दर्शनों में से एक है, जिसके प्रवर्तक महर्षि कपिल हैं, और यह एक द्वैतवादी (Dualistic) दर्शन है जो यह मानता है कि सृष्टि की उत्पत्ति दो मूल तत्वों 'पुरुष' (आत्मा या चेतना) और 'प्रकृति' (जड़ पदार्थ) के संयोग से होती है।
2. इस दर्शन के अनुसार, 'प्रकृति' अचेतन है और इसके तीन गुण होते हैं- सत्व, रज और तम; जबकि 'पुरुष' चेतन है और वह पूरी तरह से निष्क्रिय व दृष्टा मात्र है।
3. सांख्य दर्शन वेدان्त दर्शन की तरह ईश्वर के अस्तित्व को परम सत्य और सृष्टि के रचयिता के रूप में स्वीकार करता है, तथा ईश्वर की कृपा के बिना मोक्ष प्राप्त करना असंभव मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के दूसरे चरण—जिसे 'सामाजिक व्यवस्था और अधिकार संरक्षण अभिमुखीकरण' (Social System and Conscience Orientation या Stage 4) कहा जाता है—की सबसे सटीक एवं केंद्रीय विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.