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History of India
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विजयनगर की सैन्य व्यवस्था में "नायंकर व्यवस्था" (Nayankara System) का क्या अर्थ था?

Detailed Explanation

नायंकर व्यवस्था में नायक को सेना रखने के बदले भूमि दी जाती थी।
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Related Questions

→ अष्टप्रधान का वह पद जो विदेशी मामलों की देखरेख करता था? → मौर्य साम्राज्य के प्रशासन, अर्थव्यवस्था और अशोक के धम्म के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य केंद्रीय प्रशासन में अट्ठारह प्रमुख तीर्थ (विभागाध्यक्ष) होते थे, जिनमें 'समाहर्त्ता' राजस्व संग्रह का मुख्य अधिकारी था, जबकि 'संनिधातृ' राजकोष और भण्डारगृह का मुख्य संरक्षक होता था। 2. अशोक के शिलालेखों में वर्णित 'धम्म' कोई नया धर्म या धार्मिक पंथ नहीं था, बल्कि यह समाज कल्याण, बड़ों का आदर, शिष्टाचार, अहिंसा और सभी संप्रदायों के प्रति सहिष्णुता पर आधारित एक नैतिक आचार संहिता थी, जिसके प्रचार के लिए उसने 'धम्ममहामात्र' नामक विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की थी। 3. मौर्य काल में राज्य के प्रत्यक्ष नियंत्रण वाली भूमि को 'सीता भूमि' कहा जाता था, जिस पर कृषि कार्य राजकीय कृषि अध्यक्ष (सीताध्यक्ष) की देखरेख में दासों, कर्मकारों और बंदियों द्वारा कराया जाता था। 4. अशोक के अधिकांश शिलालेख ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण हैं, परंतु पश्चिमोत्तर सीमांत क्षेत्र के शाहबाजगढ़ी और मनसेहरा अभिलेखों में यूनानी और अरामैइक लिपियों का प्रयोग किया गया है, तथा तक्षशिला से मिले अभिलेख में केवल खरोष्ठी लिपि मिलती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → सत्रहवीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, विशेषकर 'अष्टप्रधान' और राजस्व प्रशासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी के केंद्रीय प्रशासन में 'अष्टप्रधान' नामक मंत्रिपरिषद का गठन किया गया था, जिसमें प्रत्येक मंत्री सीधे सम्राट के प्रति उत्तरदायी था और यह कोई मंत्रिमंडल (Cabinet) न होकर आठ अलग-अलग प्रशासनिक विभागों के व्यक्तिगत सचिवों या सलाहकारों का समूह था। 2. अष्टप्रधान में 'पेशवा' (या पंत प्रधान) प्रधानमंत्री का पद था जो सामान्य प्रशासन और वित्त का प्रमुख होता था, जबकि सैन्य मामलों का सर्वोच्च कमांडर 'सेनापति' (या सर-ए-नौबत) होता था, जो विशुद्ध रूप से वंशानुगत आधार पर नियुक्त किया जाता था। 3. शिवाजी ने अपनी प्रशासनिक सुधार नीति के अंतर्गत मलिक अंबर की लगान प्रणाली पर आधारित भूमि सर्वेक्षण और मूल्यांकन को अपनाया, तथा अपने राज्य में 'जागीरदारी प्रथा' को हतोत्साहित करते हुए सैनिकों और अधिकारियों को नगद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → ऋग्वैदिक काल और उत्तर-वैदिक काल की राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक समाज मूल रूप से कबीलाई और समतावादी था जहाँ राजा को 'जनस्य गोपा' कहा जाता था, किंतु उत्तर-वैदिक काल में लोहे के व्यापक प्रयोग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के कारण 'सभा' और 'समिति' जैसी संस्थाओं का प्रभाव बढ़ गया तथा राजा की शक्ति असीमित हो गई। 2. ऋग्वैदिक काल में वर्ण व्यवस्था मुख्य रूप से कर्म पर आधारित थी, जबकि उत्तर-वैदिक काल में यह कठोर रूप से जन्म पर आधारित हो गई और समाज स्पष्ट रूप से चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) में विभाजित हो गया, जहाँ शूद्रों और महिलाओं की स्थिति में भारी गिरावट आई। 3. ऋग्वैदिक काल की प्रमुख नदियाँ कुभा (काबुल), पुरुषणी (रावी) और सुवास्तु (स्वात) थीं, जबकि शतपथ ब्राह्मण जैसे उत्तर-वैदिक ग्रंथों में गंडक नदी का उल्लेख 'सदानिरा' के रूप में मिलता है जो आर्यों के पूर्वी विस्तार का प्रतीक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के अधिकारियों द्वारा विद्रोह के दमन के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली — जॉन निकलसन 2. लखनऊ — हेनरी लॉरेंस एवं जेम्स आउट्राम 3. कानपुर — कॉलिन कैंपबेल 4. झांसी और ग्वालियर — ह्यूरोज़ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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