त्वरित लिंक्स
History of India
19 views
तालिकोटा युद्ध के बाद राम राय के भाई तिरुमल ने किस नए राजवंश की स्थापना की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
तिरुमल ने विजयनगर में अराविदु वंश की स्थापना की थी।
Related Questions
→
मध्यकालीन भारत के इतिहास में भक्ति और सूफी आंदोलनों के प्रसार तथा उनके दार्शनिक दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूफी मत के 'चिश्ती सिलसिले' के प्रसिद्ध संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य और उत्तराधिकारी ख्वाजा बख्तियार काकी थे, जिनके सम्मान में दिल्ली में कुतुब मीनार का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था।
2. भक्ति आंदोलन के प्रणेता के रूप में प्रसिद्ध संत रामानंद ने जातिगत भेदभाव को नकारते हुए सभी जातियों के लोगों को अपने शिष्य बनाया, जिनमें कबीर (जुलाहा), रैदास (मोची), सेना (नाई) और पीपा (राजपूत शासक) प्रमुख थे।
3. दक्षिण भारत के अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों ने अपनी कविताओं और भजनों में तमिल भाषा को माध्यम बनाया तथा 'नलइरा दिव्य प्रबंधम' को तमिल वेद के रूप में मान्यता दिलाई।
4. सूफी संतों की विचारधारा में 'वल्दत-उल-वुजूद' (अस्तित्व की एकता) का सिद्धांत इब्न-अरबी द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिसका अर्थ है कि सृष्टिकर्ता और उसकी रचना में कोई वास्तविक भेद नहीं है, जो अद्वैत वेदांत दर्शन के काफी निकट है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
अलाउद्दीन खिलजी के समय "खम्स" (युद्ध में लूटे गए माल) में सुल्तान का हिस्सा कितना था?
→
किस युद्ध में मराठों ने अंग्रेजों को बुरी तरह हराकर 1779 ई. में "बड़गाँव की संधि" के लिए मजबूर किया था?
→
सल्तनत काल के अंत में उत्तर भारत में किस क्षेत्रीय शक्ति का उत्कर्ष हुआ?
→
वर्ष 1857 के विद्रोह की असफलता के मुख्य कारणों और इसके नेतृत्व की संरचनात्मक कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस ऐतिहासिक विद्रोह के पास अखिल भारतीय स्तर पर किसी एक सर्वमान्य, दूरदर्शी और केन्द्रीकृत राजनीतिक नेतृत्व का पूर्ण अभाव था, जिसके कारण विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय नेता अपने संकीर्ण व क्षेत्रीय हितों से ऊपर उठकर अंग्रेजों के विरुद्ध कोई एकीकृत दीर्घकालिक रणनीति नहीं बना सके।
2. दिल्ली के प्रतीकात्मक सम्राट घोषित किए गए बहादुर शाह ज़फ़र के पास न तो कोई वास्तविक सैन्य शक्ति थी और न ही विद्रोही सैनिकों के मध्य अनुशासन तथा समन्वय स्थापित करने की व्यावहारिक क्षमता।
3. आधुनिक शिक्षित मध्यम वर्ग, व्यापारियों और अंग्रेजी शिक्षा से लाभान्वित भारतीय बुद्धिजीवियों ने इस विद्रोह का सक्रिय रूप से नेतृत्व किया तथा इसे ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध एक सफल आधुनिक लोकतांत्रिक जन-क्रांति में बदल दिया।
4. अधिकांश बड़ी देशी रियासतों और भारतीय शासकों (जैसे हैदराबाद के निजाम, ग्वालियर के सिंधिया और भोपाल के नवाब) ने विद्रोहियों का साथ देने के बजाय ब्रिटिश सत्ता के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी, जिसके संदर्भ में ब्रिटिश गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनing ने टिप्पणी की थी कि इन शासकों ने 'तूफान में ब्रेकवाटर' (तरंगरोधक) की तरह कार्य किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.