BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
3 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित शिक्षण दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक को केवल निष्क्रिय श्रोता के रूप में पाठ्यपुस्तकें रटने के बजाय, वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, सामूहिक परियोजनाओं और समस्या-समाधान गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर प्रत्यक्ष अनुभव द्वारा ज्ञान का स्वयं निर्माण करने का अवसर दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यावहारिक संज्ञान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से जॉन डीवी का 'करके सीखना' (Learning by Doing) प्रगतिशील शिक्षा का आधारस्तंभ है। विकल्प (c) वैज्ञानिक रूप से सबसे प्रामाणिक है क्योंकि यह रचनावादी दृष्टिकोण (Constructivism) का समर्थन करता है, जिसके अनुसार ज्ञान किसी बाहरी स्रोत से थोपा नहीं जाता, बल्कि शिक्षार्थी अपने पर्यावरण और अनुभवों के साथ सक्रिय अंतःक्रिया करके स्वयं उसका निर्माण करता है।
Share:

Related Questions

→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित चार प्रमुख चरणों—'ठोस अनुभव' (Concrete Experience), 'चिंतनशील अवलोकन' (Reflective Observation), 'मूर्त अवधारणालीकरण' (Abstract Conceptualization), और 'सक्रिय प्रयोग' (Active Experimentation)—के तार्किक अनुक्रम और कक्षा-कक्ष शिक्षण में विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक शैलियों (Learning Styles) के समावेशन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद और प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Connectionism and Trial & Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) की अवधारणा—जिसके तहत किसी कार्य को सीखने के लिए तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की आंतरिक तत्परता या मानसिक तैयारी को रेखांकित किया जाता है, यानी जब कोई व्यक्ति सीखने के लिए मानसिक रूप से तैयार होता है, तो उसे कार्य करने में संतोष (Satisfaction) मिलता है और यदि वह तैयार नहीं है और उसे बलपूर्वक सिखाया जाता है, तो उसे झुंझलाहट या असंतोष (Annoyance) होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की प्रेरणा, परिपक्वता और अधिगम वक्र के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment) तथा 'असुरक्षित-चिंतित/प्रतिरोधी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), साथियों के साथ सामाजिक अंतःक्रिया, और विद्यालयी वातावरण में अलगाव की चिंता (Separation Anxiety) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'शेपिंग या आकृतिकरण' (Shaping)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक एवं अनुकूली शिक्षण तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल, नवीन या अवांछित रूप से दूरस्थ वांछित अंतिम व्यवहार (Terminal Behavior) को सीधे एक बार में प्राप्त करने के बजाय, उस अंतिम लक्ष्य की दिशा में क्रमिक रूप से बढ़ने वाले छोटे-छोटे और निकटवर्ती संनिकटताओं (Successive Approximations) के चरणों को सुदृढीकरण (Reinforcement) प्रदान करते हुए चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, चरणबद्ध अधिगम और व्यवहार संशोधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)**—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional Level) के उस चरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ बालक या व्यक्ति यह समझता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए एक लचीले 'सामाजिक अनुबंध' के रूप में होते हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों के विरुद्ध हो, तो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से उसमें संशोधन किया जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तрку, लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.