BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
5 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'स्पाइरल करिकुलम या चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक अभिकल्प के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल विषय या कठिन संकल्पना को बालक के विकास के विभिन्न चरणों में सरल से जटिल रूप में बार-बार इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है कि प्रत्येक उच्चतर स्तर पर बच्चा उसी संकल्पना को अधिक परिपक्व, तार्किक और व्यापक गहराई के साथ समझता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के पुनरुत्पादन, दीर्घकालिक स्मृति संधारण और क्रमिक ज्ञान-संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से जेरोम ब्रूनर का 'स्पाइरल करिकुलम' (चक्रीय पाठ्यक्रम) अत्यंत महत्वपूर्ण है। ब्रूनर के अनुसार, 'किसी भी विषय को किसी भी विकास की अवस्था में बच्चे को बौद्धिक रूप से प्रामाणिक रूप में सिखाया जा सकता है।' इसका तात्पर्य यह है कि पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो सरल अवधारणाओं से शुरू होकर समय के साथ अधिक जटिल और परिष्कृत रूपों में लौटकर आए (चक्रीय रूप में)। ब्रूनर ने संज्ञानात्मक विकास के तीन चरण बताए हैं—अभिनयात्मक (Enactive - क्रिया द्वारा), प्रतिबिम्बात्मक (Iconic - छवियों द्वारा), और प्रतीकात्मक (Symbolic - भाषा और संकेतों द्वारा)। विकल्प (c) इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक निहितार्थ को पूर्ण रूप से स्पष्ट करता है, जबकि अन्य विकल्प भ्रामक और गलत हैं।
Share:

Related Questions

→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफरिन (Richard Shiffrin) के 'सूचना प्रसंस्करण मॉडल' (Information Processing Model) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संवेदी स्मृति या सेंसरी मेमोरी' (Sensory Memory)**—जिसे उस प्रारंभिक और अति-अल्पकालिक मानसिक भंडार के रूप में परिभाषित किया जाता है जो पर्यावरण से प्राप्त होने वाली समस्त दृश्य, श्रव्य और अन्य संवेदी सूचनाओं को बिना किसी दीर्घकालिक प्रसंस्करण के अत्यंत सूक्ष्म समय (मिलीसेकंड से लेकर कुछ सेकंड तक) के लिए यथार्थ रूप में ग्रहण और सुरक्षित रखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के ध्यान (Attention), धारणा और चयनात्मक प्रसंस्करण (Selective Processing) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहम् (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेगी इच्छाओं और सुपरइगो (Superego) के नैतिक दबावों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety), तनाव और मानसिक संघर्ष से व्यक्ति की रक्षा करने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक समायोजन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आवश्यकताओं का पदानुक्रम' (Hierarchy of Needs) के शीर्षस्थ चरण यानी 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) तथा उससे ठीक पूर्व के चरण 'सम्मान की आवश्यकताएं' (Esteem Needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक प्रेरणा, क्षमता के पूर्ण विकास, और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रीनहोल्ड मेइस्ट और लॉरेंस कोहलबर्ग आदि के विकास क्रम से परे, एर्रिक एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'पहचान बनाम भूमिका भ्रम या आइडेंटिटी वर्सस रोल कफ्यूजन' (Identity vs. Role Confusion)**—जिसे किशोरावस्था (Adolescence) की उस केंद्रीय विकासात्मक संकट या अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत युवा व्यक्ति अपने अतीत के बाल्यकालीन अनुभवों और भविष्य की वयस्क भूमिकाओं को समेकित करते हुए स्वयं की एक विशिष्ट पहचान, व्यक्तिगत मूल्यों, व्यावसायिक लक्ष्यों और लैंगिक दृष्टिकोण की खोज करने का प्रयास करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-सम्मान, व्यक्तिगत स्वायत्तता और मनोवैज्ञानिक स्थिरता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद या प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) की अवधारणा—जिसके तहत जब कोई तंत्रिका पथ (Neural Pathway) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो इससे संतोष (Satisfaction) प्राप्त होता है तथा अधिगम सुदृढ़ होता है, किंतु यदि तैयार होने पर उसे कार्य करने से रोका जाता है या बिना तैयार हुए जबरन कार्य कराया जाता है, तो झुंझलाहट या असंतोष उत्पन्न होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की मानसिक तैयारी, अभिप्रेरणात्मक संरेखण (Motivational Alignment) और थकान प्रबंधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.