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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'स्पाइरल करिकुलम या चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक अभिकल्प के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल विषय या कठिन संकल्पना को बालक के विकास के विभिन्न चरणों में सरल से जटिल रूप में बार-बार इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है कि प्रत्येक उच्चतर स्तर पर बच्चा उसी संकल्पना को अधिक परिपक्व, तार्किक और व्यापक गहराई के साथ समझता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के पुनरुत्पादन, दीर्घकालिक स्मृति संधारण और क्रमिक ज्ञान-संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से जेरोम ब्रूनर का 'स्पाइरल करिकुलम' (चक्रीय पाठ्यक्रम) अत्यंत महत्वपूर्ण है। ब्रूनर के अनुसार, 'किसी भी विषय को किसी भी विकास की अवस्था में बच्चे को बौद्धिक रूप से प्रामाणिक रूप में सिखाया जा सकता है।' इसका तात्पर्य यह है कि पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए जो सरल अवधारणाओं से शुरू होकर समय के साथ अधिक जटिल और परिष्कृत रूपों में लौटकर आए (चक्रीय रूप में)। ब्रूनर ने संज्ञानात्मक विकास के तीन चरण बताए हैं—अभिनयात्मक (Enactive - क्रिया द्वारा), प्रतिबिम्बात्मक (Iconic - छवियों द्वारा), और प्रतीकात्मक (Symbolic - भाषा और संकेतों द्वारा)। विकल्प (c) इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक निहितार्थ को पूर्ण रूप से स्पष्ट करता है, जबकि अन्य विकल्प भ्रामक और गलत हैं।
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