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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी विषय या जटिल अवधारणा को बच्चे के विकास के विभिन्न चरणों में बार-बार, लेकिन अधिक परिष्कृत, अमूर्त और व्यापक स्तर पर पुनरावृत्ति के साथ प्रस्तुत किया जाता है, ताकि बालक अपने पूर्व अनुभवों के आधार पर ज्ञान की परतों को लगातार विकसित और गहरा कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दीर्घकालिक संधारण, स्कीमा के पुनर्गठन और श्रेणीबद्ध बौद्धिक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जेरोम ब्रूनर के 'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की मुख्य अवधारणा यह है कि शिक्षण प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जहाँ एक ही केंद्रीय विचार या विषय को बार-बार और अधिक जटिलता के साथ बच्चे की आयु और बौद्धिक स्तर के अनुसार प्रस्तुत किया जाए। ब्रूनर का प्रसिद्ध कथन है कि 'किसी भी विषय को किसी भी बच्चे को विकास के किसी भी चरण में बौद्ध रूप से ईमानदार रूप में प्रभावी ढंग से सिखाया जा सकता है।' यह विधि विद्यार्थियों के स्कीमा को विस्तारित करने, उनके पूर्व ज्ञान को नए ज्ञान से जोड़ने और संज्ञानात्मक संरचना को मजबूत करने में अत्यधिक वैज्ञानिक और प्रभावी भूमिका निभाती है।
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→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियों' (Defense Mechanisms)**—जिसे उन अचेतन मानसिक प्रक्रियाओं (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहम् (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेगी माँगों और सुपरइगो (Superego) के नैतिक प्रतिबंधों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety), तनाव और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने तथा वास्तविकता को विकृत करके मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, कुंठा प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे उस व्यावहारिक और क्रिया-आधारित शिक्षण पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी निष्क्रिय श्रोता के रूप में बैठने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभवों, परियोजनाओं, हस्तपरक गतिविधियों (Hands-on Activities) और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने ज्ञान का निर्माण करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'करके सीखना' (Learning by Doing)**—जिसे इस विचार के रूप में परिभाषित किया जाता है कि शिक्षा केवल निष्क्रिय रूप से ज्ञान को ग्रहण करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह वास्तविक अनुभवों, व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और सक्रिय सामाजिक सहभागिता के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान क्षमताओं और लोकतांत्रिक जीवन मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहंकार (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेգिक इच्छाओं और सुपरइगो (Superego) की नैतिक पाबंदियों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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