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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सामान्य बुद्धि या जी-कारक' (General Intelligence / g-factor)**—जिसे उस सार्वभौमिक और अंतर्जात मानसिक ऊर्जा के रूप में परिभाषित किया जाता है जो व्यक्ति के सभी प्रकार के बौद्धिक कार्यों, तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान और संज्ञानात्मक गतिविधियों में अनिवार्य रूप से समान रूप से उपस्थित रहती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के शैक्षणिक निष्पादन, बौद्धिक क्षमता के सामान्यीकरण और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

चार्ल्स स्पीयरमैन के द्विकारक सिद्धांत के अनुसार, बुद्धि दो कारकों से मिलकर बनी है: सामान्य कारक (g-factor) और विशिष्ट कारक (s-factor)। 'g-factor' को एक सार्वभौमिक, अंतर्जात और व्यापक मानसिक क्षमता माना गया है जो सभी प्रकार के बौद्धिक और संज्ञानात्मक कार्यों में मदद करती है। यह जन्मजात क्षमता और वंशानुक्रम से अधिक प्रभावित होती है, हालांकि अनुकूल शैक्षणिक और पर्यावरणीय स्थितियां बालक की बौद्धिक क्षमताओं के बेहतर उपयोग और अभिव्यक्ति में सहायक होती हैं।
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