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History of India
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किस इतिहासकार ने लिखा है कि "इब्राहिम लोदी मरते दम तक लड़ा और एक सैनिक की भांति मारा गया"?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाबर ने अपनी आत्मकथा में इब्राहिम लोदी की वीरता की सराहना की है।
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मराठा शासन में "दफ्तर" का प्रमुख अधिकारी क्या कहलाता था?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोहियों द्वारा मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट घोषित किए जाने और उनके नेतृत्व की वास्तविक राजनीतिक तथा सैन्य वास्तविकताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बहादुर शाह जफर ने स्वेच्छा से और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के तहत इस विद्रोह की संपूर्ण सैन्य कमान और सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व अपने हाथों में लिया था, तथा वे अंग्रेजों के खिलाफ सक्रिय रूप से युद्ध रणनीतियों की योजना बनाते थे।
2. यद्यपि बहादुर शाह जफर को प्रतीकात्मक और औपचारिक रूप से विद्रोहियों द्वारा 'शहनशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया था, किंतु वास्तविक सत्ता का नियंत्रण दिल्ली में गठित 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के पास था, जिसमें विद्रोही सिपाहियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
3. दिल्ली में विद्रोहियों के पास न तो सुसंगत आर्थिक संसाधन थे और न ही कुशल सैन्य समन्वय, जिसके कारण जनरल जॉन निकलसन के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली की पुनः घेराबंदी और आक्रमण के पश्चात जफर को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार कर लिया गया था।
4. दिल्ली पर अंग्रेजों के अधिकार के बाद बहादुर शाह जफर पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें निर्वासित कर रंगून भेज दिया गया, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई, जिससे भारत में औपचारिक रूप से मुगल राजवंश का अंत हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के वैचारिक व ऐतिहासिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब मुख्यधारा के अधिकांश वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जेल में बंद थे, तब भूमिगत (Underground) नेटवर्क का संचालन करने वाले समाजवादी नेताओं—जैसे जयप्रकाश नारायण, अच्युत पटवर्धन, अरुणा आसफ अली और राममनोहर लोहिया—ने सशस्त्र प्रतिरोध और तोड़फोड़ की गतिविधियों को संगठित किया था।
2. सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में वर्ष 1943 में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना करने के उपरांत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नियंत्रण प्राप्त किया और उनका नाम क्रमशः 'शहीद द्वीप' तथा 'स्वराज द्वीप' रखा था।
3. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' (Do or Die) का नारा दिया था, और इसी दौरान सुभाष चंद्र बोस ने जर्मनी से रेडियो प्रसारण के माध्यम से गांधी जी को आधिकारिक रूप से सर्वप्रथम 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) संबोधित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्थाई बंदोबस्त (Permanent Settlement) के अंतर्गत बंगाल, बिहार और उड़ीसा में जमींदारों को भूमि का स्थाई मालिक बना दिया गया, जिससे पारंपरिक किसानों की स्थिति मात्र किरायेदारों (Tenants) तक सिमट कर रह गई और राजस्व की मांग हमेशा के लिए निश्चित कर दी गई।
2. रयतवारी व्यवस्था (Ryotwari System) के तहत मद्रास और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में भू-राजस्व के निर्धारण के लिए सरकार और प्रत्येक व्यक्तिगत कृषक (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, जिसमें बीच के किसी भी बिचौलिए (जमींदार) को मान्यता नहीं दी गई थी और इसमें लगान की दरें समय-समय पर संशोधित की जाती थीं।
3. महालवारी व्यवस्था (Mahalwari System) के उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के क्षेत्रों में लागू की गई, जिसके अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर न करके संपूर्ण ग्राम या ग्राम समुदाय (महाल) के स्तर पर किया जाता था, और इसके भुगतान के लिए सामूहिक रूप से पूरा गाँव उत्तरदायी होता था।
4. इन तीनों भू-राजस्व प्रणालियों में से ब्रिटिश भारत के सबसे बड़े भू-भाग पर 'स्थाई बंदोबस्त' लागू किया गया था, जबकि रयतवारी व्यवस्था का विस्तार सबसे कम क्षेत्रफल पर था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजनीतिक कारणों के तहत लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के माध्यम से सतारा, नागपुर और झाँसी जैसी रियाسतों का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया, तथा मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर के उत्तराधिकारियों को लाल किले से बेदखल करने की घोषणा से पारंपरिक अभिजात वर्ग में गहरा असंतोष फैल गया था।
2. सामाजिक और धार्मिक सुधारों के अंतर्गत वर्ष 1850 के 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) द्वारा पैतृक संपत्ति से वंचित करने की पुरानी परंपरा को बदल दिया गया, जिससे रूढ़िवादी भारतीयों को यह आशंका हुई कि ब्रिटिश सरकार ईसाई धर्म को बढ़ावा दे रही है और उनकी पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था को नष्ट करना चाहती है।
3. आर्थिक कारणों में अंग्रेजों की औपनिवेशिक भू-राजस्व नीतियों (जैसे रैयतवाड़ी और महालवाड़ी व्यवस्था) के कारण पारंपरिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विघटन हुआ, किंतु हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटिश सरकार ने आयातित सूती वस्त्रों पर भारी शुल्क (Tariff) लगाकर भारतीय बुनकरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की थी।
4. सैन्य कारणों के तहत वर्ष 1856 के 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' (General Service Enlistment Act) ने बंगाल आर्मी के भारतीय सिपाहियों के लिए समुद्र पार करके विदेशों में सेवा देना अनिवार्य बना दिया, जिससे पारंपरिक सवर्ण सैनिकों में अपनी जाति और धर्मभ्रष्ट होने का गंभीर भय उत्पन्न हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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