त्वरित लिंक्स
History of India
20 views
खतौली के युद्ध में किसकी विजय हुई थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को खतौली के युद्ध में पराजित किया था।
Related Questions
→
दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राजवंशों और उनके प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना को मजबूत करने और नगद वेतन देने की परंपरा के तहत घोड़ों को दागने (दाग) और सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा शुरू की, तथा बाजार नियंत्रण प्रणाली को सख्ती से लागू करने के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' नामक नए अधिकारियों की नियुक्ति की।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलतगढ़ (देवगिरि) स्थानांतरित की, जिसके पीछे उसका मुख्य उद्देश्य साम्राज्य के केंद्रीय भाग से दक्षिण भारत पर बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करना था, और इस दौरान उसने तांबे और काँसे के सांकेतिक सिक्के (टोकन करेंसी) चलाए जिनका मूल्य चांदी के टंगे के बराबर रखा गया था।
3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में सिंचाई व्यवस्था को सुधारने के लिए कई नहरों का निर्माण कराया, जिसमें यमुना से हिसार तक जाने वाली 'उग्लू खान' नहर और सतलज से हांसी तक जाने वाली नहर प्रमुख थीं, तथा उसने कृषि को बढ़ावा देने के लिए 'तकावी' (सोंधार) ऋणों को पूरी तरह माफ कर दिया।
4. सिकंदर लोदी ने अपनी प्रशासनिक राजधानी आगरा को बनाया (वर्ष 1504 में) और भूमि की पैमाइश के लिए 'गज-ए-सिकंदरी' का प्रचलन शुरू किया, जो 39 इंच का होता था, तथा उसने व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए सल्तनत क्षेत्र में अनाज पर लगने वाले चुंगी कर (जकात) को समाप्त कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बाजार में कम तौलने वाले व्यापारियों के लिए अलाउद्दीन ने क्या कठोर दंड निर्धारित किया था?
→
गुप्तकालीन प्रशासन, आर्थिक व्यवस्था और समाज के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में 'भूमि अनुदान' (Land Grants) की प्रथा अपने चरमोत्कर्ष पर थी, जिसमें राजाओं द्वारा ब्राह्मणों और अधिकारियों को दिए जाने वाले भू-दान को 'अग्रहार' या 'ब्रह्मदेय' कहा जाता था, और इन अनुदानों के साथ भूमि पर कृषकों के अधिकारों का हस्तांतरण भी हो जाता था जिससे सामंती व्यवस्था के बीज पड़े।
2. गुप्त सम्राटों ने इतिहास में सबसे बड़ी मात्रा में शुद्ध स्वर्ण मुद्राएं (जिन्हें 'दीनघ' या 'दीनार' कहा जाता था) जारी की थीं, किंतु कुषाणों की तुलना में गुप्त स्वर्ण मुद्राओं में सोने की शुद्धता (धात्विक मान) का स्तर निरंतर गिरता चला गया और अंतिम गुप्त शासकों के सिक्कों में तांबे की मिलावट सबसे अधिक हो गई थी।
3. गुप्तकालीन राजस्व प्रणाली में 'उद्रङ्ग' एक प्रकार का कर था जो स्थायी कृषकों से लिया जाने वाला भू-कर था, जबकि 'उपरिकर' एक अस्थायी कृषकों या बटाईदारों पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त कर था।
4. गुप्त काल में रेशम बुनकरों की एक शक्तिशाली श्रेणी (गिल्ड) का उल्लेख मंदसौर शिलालेख में मिलता है, जो लाट क्षेत्र से आकर मालवा में बस गई थी और अपनी शिल्पकला के साथ-साथ सूर्य मंदिर के निर्माण में वित्तीय सहयोग देने के लिए विख्यात थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बौद्ध धर्म और जैन धर्म के प्रारंभिक दार्शनिक विकास तथा उनकी संगीतों (Councils) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध संघ के प्रथम विभाजन के पश्चात महासंगिफ़क संप्रदाय का उदय हुआ, जिसने अनुशासन के नियमों में लचीलापन अपनाने का समर्थन किया, जबकि थेरवादी (स्थविरवाद) रूढ़िवादी परंपरा के पक्षधर रहे।
2. जैन धर्म की प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें जैन वेदों और बारह अंगों का संकलन किया गया, किंतु दिगंबर संप्रदाय ने इन संकलित ग्रंथों को पूरी तरह स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
3. बौद्ध धर्म के विपरीत जैन धर्म ने आत्मा (जीव) के अस्तित्व को स्वीकार किया और मोक्ष प्राप्ति के लिए घोर कायाक्लेश तथा तपस्या को अनिवार्य माना, जबकि बुद्ध ने मध्यम प्रतिपधा (अमज्झिण पतिपदा) पर बल दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
बंगाल विभाजन (1905) और इसके परिणामस्वरूप प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को की गई थी, और इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया था।
2. लार्ड कर्ज़न ने बंगाल विभाजन का मुख्य कारण प्रशासनिक असुविधा और विशाल प्रांत का प्रबंधन कठिन होना बताया था, किंतु इसका वास्तविक उद्देश्य बंगाली राष्ट्रवाद की बढ़ती हुई चेतना को दुर्बल करना और 'फूट डालो और राज करो' की नीति के तहत सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना था।
3. बंगाल विभाजन के प्रभावी होने की तिथि (16 अक्टूबर 1905) को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, सड़कों पर 'वंदे मातरम्' गाते हुए जुलूस निकाले और अवनिन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा स्थापित 'इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरिएंटल आर्ट' के बैनर तले ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का राष्ट्रव्यापी संकल्प लिया गया।
4. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों पर भी बल दिया गया, जिसके तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई और इसके प्रथम प्राचार्य के रूप में अरबिंदो घोष ने पदभार संभाला था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.