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History of India
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लोदी वंश का सबसे सर्वश्रेष्ठ और शक्तिशाली सुल्तान कौन था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से सिकंदर लोदी सबसे कुशल था।
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महात्मा गांधी के भारत आगमन के उपरांत उनके शुरुआती सत्याग्रहों—चंपारण (1917), खेड़ा (1918) और अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918)—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर लागू की जाने वाली 'तीनकथा प्रणाली' के अंतर्गत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करना बाध्यकारी था, और इस प्रथा के विरुद्ध गांधीजी को राजकुमार शुक्ल ने आमंत्रित किया था।
2. खेड़ा सत्याग्रह में गांधीजी ने किसानों का नेतृत्व करते हुए इस बात पर बल दिया कि यदि फसल सामान्य उत्पादन के एक-चौथाई (25%) से भी कम हुई हो, तो राजस्व संहिता के नियमानुसार किसानों का लगान पूरी तरह माफ किया जाना चाहिए, और इस आंदोलन में सरदार वल्लभभाई पटेल ने गांधीजी के मुख्य सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
3. अहमदाबाद के मिल मजदूरों और मिल मालिकों के बीच प्लेग बोनस को लेकर हुए विवाद के दौरान गांधीजी ने प्लेग बोनस पूरी तरह समाप्त करने की मांग का समर्थन किया और पहली बार भारत में मजदूरों के पक्ष में भूख हड़ताल का सफल प्रयोग किया था।
4. चंपारण सत्याग्रह की सफलता से प्रभावित होकर ही रवींद्रनाथ टैगोर ने महात्मा गांधी को पहली बार 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित किया था, तथा इस आंदोलन के परिणाम स्वरूप सरकार ने 'चंपारण कृषि अधिनियम' पारित कर तिनकथा प्रथा को अवैध घोषित कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश क्राउन द्वारा लाए गए 'भारत सरकार अधिनियम 1858' और क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के तहत भारत का शासन सीधे ब्रिटिश महारानी के नियंत्रण में आ गया, और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की दोहरी शासन प्रणाली को समाप्त कर समस्त शक्तियाँ 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) और उसकी सहायता के लिए गठित पंद्रह सदस्यीय 'इंडियन काउंसिल' को सौंप दी गईं।
2. इलाहाबाद में आयोजित एक भव्य दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई क्वीन विक्टोरिया की घोषणा में यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार अब भारतीय रियाسतों को हड़पने की अपनी पुरानी विस्तारवादी नीतियों (जैसे 'व्यपगत सिद्धांत' या Doctrine of Lapse) को त्यागती है और देसी राजाओं के दत्तक पुत्र लेने के अधिकारों को मान्यता देती है।
3. घोषणा पत्र में यह आश्वासन दिया गया कि भारत के लोगों की प्राचीन धार्मिक और सामाजिक परंपराओं में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा, तथा नस्ल, वंश या धर्म के भेदभाव के बिना सभी योग्य भारतीयों को उनकी पात्रता के आधार पर उच्च सरकारी सेवाओं में निष्पक्ष रूप से नियुक्त किया जाएगा।
4. विद्रोह के दौरान अवध के तालुकदारों और बड़े भूस्वामियों द्वारा अंग्रेजों के विरुद्ध अत्यधिक मुखर प्रतिरोध किए जाने के कारण, ब्रिटिश सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए अवध की समस्त भूमि को हमेशा के लिए जब्त कर लिया और वहाँ कभी भी जमींदारी या तालुकदारी व्यवस्था बहाल नहीं की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन तथा उसके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदullah शाह ने किया था, जिन्हें 'फैजाबाद का डंका शाह' भी कहा जाता था, और इस क्षेत्र में ब्रिटिश सेना के जनरल कैंपबेल तथा बाद में कर्नल मैकडॉवेल ने अत्यधिक संघर्ष के बाद इस विद्रोह को कुचला था।
2. रोहिलखंड क्षेत्र के बरेली में विद्रोह का नेतृत्व खान बहादुर खान ने किया था, जिन्होंने अपने आपको रोहिलखंड का नवाब घोषित कर प्रशासनिक व्यवस्था संभाली थी, और बाद में ब्रिटिश जनरल कैंपबेल ने कड़े संघर्ष के बाद बरेली पर पुन: अधिकार कर खान बहादुर खान को फांसी दे दी थी।
3. इलाहाबाद (प्रयागराज) और बनारस में हुए विद्रोह का दमन ब्रिटिश सेनापति कर्नल नील (James Neil) द्वारा अत्यधिक क्रूरता के साथ किया गया था, जहाँ इलाहाबाद में मौलवी लियाकत अली ने विद्रोह का सफल नेतृत्व किया था।
4. मौलवी लियाकत अली को इलाहाबाद में पराजित होने के बाद ब्रिटिश सेना द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें तुरंत फांसी की सजा दे दी गई थी, जिससे इस क्षेत्र में विद्रोह का पूरी तरह अंत हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगलकालीन प्रशासनिक संस्थाओं और नीतियों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर के शासनकाल में वर्ष 1574-75 के आसपास मनसबदारी व्यवस्था की शुरुआत की गई थी, जिसमें 'जात' पद मनसबदार के व्यक्तिगत वेतन और पद-स्थिति को दर्शाता था, जबकि 'सवार' पद उसके द्वारा रखे जाने वाले घुड़सवार सैनिकों की संख्या को निश्चित करता था।
2. जहाँगीर ने मनसबदारी व्यवस्था में एक नया सुधार करते हुए 'दुअस्पा-सिंहअस्पा' प्रणाली की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत बिना 'जात' पद बढ़ाए किसी मनसबदार को अपने निर्धारित 'सवार' घोड़ों की संख्या दोगुनी करने की अनुमति मिल जाती थी।
3. शाहजहाँ के शासनकाल के अंतिम वर्षों में मनसबदारों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि हो जाने के कारण उन्हें वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त 'खलसा' और 'जागीर' भूमियाँ उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं, जिसके परिणामस्वरूप उत्पन्न इस गंभीर वित्तीय असंतुलन को 'जागीर संकट' कहा जाता है।
4. औरंगजेब ने अपने शासनकाल में चित्रकला को पूरी तरह राजकीय संरक्षण से वंचित कर दिया, संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर कठोर धार्मिक व नैतिक नियमों का पालन करने के लिए 'मुहतसिब' (जन आचरण के निरीक्षकों) की नियुक्ति की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल दरबार में आने वाला प्रथम अंग्रेज:
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