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History of India
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बहलोल लोदी के शासन की मुख्य विशेषता क्या थी?

Detailed Explanation

वह सरदारों को सम्मान देता था और समानता बरतता था।
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बौद्ध धर्म और जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनके संघ के प्रबंधकीय स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध धर्म के विपरीत जैन धर्म ने 'अनेकांतवाद' (स्यादवाद) के सिद्धांत को प्रतिपादित किया, जिसके अनुसार सत्य बहुआयामी है और किसी भी वस्तु का पूर्ण ज्ञान केवल 'केवली' को ही प्राप्त हो सकता है, जबकि साधारण मनुष्य का ज्ञान अपूर्ण और सापेक्ष होता है। 2. जहाँ बौद्ध संघ की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित की गई थी, वहीं जैन संघ में प्रवेश के लिए कोई आयु प्रतिबंध नहीं था और चातुर्यम धर्म (जो पार्श्वनाथ द्वारा प्रतिपादित था) में महावीर स्वामी ने 'ब्रह्मचर्य' को जोड़कर इसे 'पंचमहाव्रत' के रूप में स्थापित किया। 3. बौद्ध धर्म ने वेदों की प्रमाणिकता और वैदिक यज्ञों की पवित्रता को पूर्णतः स्वीकार किया, जबकि जैन धर्म ने वेदों को अपौरुषेय मानने से इनकार करते हुए उनके कर्मकांडी स्वरूप और पशु बलि की घोर निंदा की। 4. द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में कालाशोक के शासनकाल में हुआ था, जबकि प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें जैन ग्रंथों का संकलन कर '12 अंगों' का निर्माण किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा टोडरमल द्वारा अकबर के शासनकाल में लागू की गई 'दहशाला' (या आयन-ए-दहशाला) व्यवस्था में पिछले दस वर्षों के औसत उत्पादन और कृषि जिंसों के औसत प्रचलित मूल्यों के आधार पर मालगुजारी का निर्धारण किया जाता था। 2. जहांगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था में 'दुस्पा-सिंहस्पा' (दो और तीन घोड़े वाले) प्रणाली की शुरुआत की गई थी, जिसके अंतर्गत मनसबदारों को अपने मूल सवार पद से अतिरिक्त घोड़े रखने की अनुमति दी जाती थी, जिसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन नहीं मिलता था। 3. शाहजहां के काल में भू-राजस्व निर्धारण के लिए 'जमा' (आकलित राजस्व) और 'हासिल' (वास्तविक वसूल किया गया राजस्व) के बीच का अंतर काफी बढ़ गया था, जिसके कारण जागीरों की कमी की समस्या ('जागीर संकट') और गंभीर हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? गदर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाख्ना द्वारा 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसे बाद में इसके साप्ताहिक पत्र 'गदर' के नाम पर 'गदर पार्टी' के रूप में जाना गया। 2. प्रथम विश्व युद्ध के आरंभ होने पर गदर पार्टी के क्रांतिकारियों ने 'गदर की गूंज' नामक राष्ट्रवादी प्रकाशनों के माध्यम से विदेश में बसे प्रवासियों को भारत में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह करने के लिए प्रेरित किया तथा दिसंबर 1914 से फरवरी 1915 के बीच भारत लौटने लगे। 3. गदर पार्टी द्वारा तय की गई 21 फरवरी 1915 की सशस्त्र क्रांति की योजना (फरवरी विद्रोह) की गुप्त सूचना ब्रिटिश खुफिया तंत्र को मिल गई, जिसके कारण यह योजना असफल हो गई और इसके प्रमुख नेताओं—करतार सिंह सराबा और बख्शी सिंह—को गिरफ्तार कर लाहौर षड्यंत्र केस के तहत फांसी दे दी गई। 4. गदर आंदोलन यद्यपि अपनी तात्कालिक सैन्य योजना में सफल नहीं हो सका, किंतु इसने विदेशों में रह रहे भारतीयों में क्रांतिकारी चेतना जागृत करने और भविष्य के स्वतंत्रता संग्राम के लिए वैادिक एवं राजनीतिक जमीन तैयार करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? किस इतिहासकार ने लिखा है कि "इब्राहिम लोदी मरते दम तक लड़ा और एक सैनिक की भांति मारा गया"? गोलकुंडा के "कुतुबशाही वंश" की स्थापना किसने की थी?
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