History of India
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ऋग्वैदिक काल में 'नदीसूक्त' में कुल 21 नदियों का उल्लेख मिलता है, जिसमें पूर्व की सबसे अंतिम उल्लिखित नदी 'गंगा' और पश्चिम की सबसे अंतिम उल्लिखित नदी 'क्रुमु' (कुर्रम) है, तथा इस काल में सिंधु नदी को सर्वाधिक पवित्र और 'नदितमा' (नदियों की माता) माना गया है।
- 2. उत्तर वैदिक काल में लिखित 'शतपथ ब्राह्मण' में कृषि की चारों क्रियाओं - जुताई (कर्षण), बुवाई (वपन), कटाई (लवनी) और मड़ाई (मर्दन) का विस्तृत कर्मकांडीय विवरण मिलता है, और इसी ग्रंथ में विदेह माधव की कथा का उल्लेख है जिसमें अग्नि द्वारा सदाानीरा (गंडक) नदी को पार करने का वर्णन है।
- 3. ऋग्वैदिक समाज में वर्ण व्यवस्था कर्म पर आधारित थी, जिसका स्पष्ट प्रमाण नवें मंडल के 'पुरुष सूक्त' में मिलता है जहाँ विराट पुरुष के अंगों से चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) की उत्पत्ति का वर्णन किया गया है।
- 4. वैदिक साहित्य के अंतर्गत आरण्यकों को 'रहस्य पुस्तक' भी कहा जाता है, जिनकी रचना वनों में की गई थी और ये मुख्य रूप से दार्शनिक चिंतन, यज्ञ के गूढ़ रहस्यों तथा आत्मा-परमात्मा के संबंध पर विचार करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि ऋग्वेद के नदीसूक्त में सिंधु नदी को सबसे महत्वपूर्ण नदी माना गया है, किंतु 'नदितमा' (नदियों में सर्वश्रेष्ठ) 'सरस्वती' नदी को कहा गया है, न कि सिंधु को। कथन 2 बिल्कुल सही है; शतपथ ब्राह्मण में कृषि की चारों प्रमुख क्रियाओं (कर्षण, वपन, लवनी, मर्दन) का उल्लेख है और इसी में विदेह माधव की प्रसिद्ध कथा है जिसके अनुसार अग्नि वैश्वानर ने मुख से प्रज्वलित होते हुए सदाानीरा (आधुनिक गंडक) नदी को पार किया था, जिससे उत्तर वैदिक आर्यों का विस्तार गंडक नदी तक हो गया था। कथन 3 गलत है क्योंकि ऋग्वैदिक समाज में वर्ण व्यवस्था का आधार कर्म था, किंतु पुरुष सूक्त ऋग्वेद के दसवें (10वें) मंडल में है, न कि नौवें मंडल में। कथन 4 बिल्कुल सही है; आरण्यकों को वनों में पढ़ा जाता था और इन्हें 'रहस्य पुस्तक' भी कहा जाता है जो कर्मकांड के स्थान पर दार्शनिक और आध्यात्मिक चिंतन पर बल देते हैं। इस कालखंड के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ…
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के संचालन और उनके दमन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने किया था, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, और उनके विद्रोह का दमन करने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारी कैंपबेल थे, जिन्होंने अवध क्षेत्र में विद्रोही ताकतों को कुचला था।
2. बरेली में रुहेलखंड के भूतपूर्व शासक के उत्तराधिकारी खान बहादुर खान ने विद्रोह का नेतृत्व संभाला था, और इस क्षेत्र में विद्रोह को पूरी तरह समाप्त कर पुनः अधिकार प्राप्त करने का श्रेय ब्रिटिश अधिकारी जनरल कॉलिन कैंपबेल को जाता है।
3. इलाहाबाद में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व मौलवी लियाकत अली ने किया था, जिन्होंने वहाँ के स्थानीय नागरिकों और सैनिकों का संगठन कर ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी थी, किंतु कर्नल नील (Colonel James Neill) ने अत्यंत क्रूरता के साथ इलाहाबाद में इस विद्रोह का दमन किया था।
4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह पर अंग्रेजों ने पचास हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, और अंततः एक स्थानीय राजा (पवैन के राजा) के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण में यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तीनकथा प्रणाली' थोपी गई थी, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था।
2. राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर महात्मा गांधी ने चंपारण की यात्रा की थी, और इस आंदोलन के दौरान ही रविचन्द्र पाठक, ब्रजकिशोर प्रसाद और राजेन्द्र प्रसाद जैसे स्थानीय नेताओं ने गांधीजी का पूर्ण समर्थन किया था।
3. खेड़ा सत्याग्रह (1918) के दौरान फसल बर्बाद होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा लगान पूरी तरह वसूलने के आदेश दिए गए थे, जिसके विरोध में गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने (No-tax campaign) का स्पष्ट निर्देश दिया था।
4. खेड़ा सत्याग्रह के दौरान ही सरदार वल्लभभाई पटेल ने गांधीजी से पहली बार मुलाकात की थी और उनके साथ जुड़कर इस किसान आंदोलन का प्रमुखता से संचालन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था, गुप्तचर तंत्र और सम्राट अशोक के अभिलेखों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के सात अंगों (सप्तांग सिद्धांत) का उल्लेख मिलता है, जिसमें 'अमात्य' को राज्य की आँख और 'कोश' को राज्य का मुख कहा गया है, तथा केंद्रीय प्रशासन के 18 महत्वपूर्ण विभागों को 'तीर्थ' कहा जाता था जिनके प्रमुख 'समाहर्त्ता' (राजस्व संग्रह प्रमुख) और 'संनिधातृ' (राजकीय कोषागार प्रमुख) होते थे।
2. मौर्यकालीन गुप्तचर विभाग को महामात्यसर्प कहा जाता था, और गुप्तचरों को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया था - 'संस्था' (जो एक ही स्थान पर संस्थागत रूप से रहकर कार्य करते थे) और 'संचारा' (जो देश भर में घूमकर गुप्त सूचनाएँ एकत्रित करते थे)।
3. अशोक के धम्म महामात्रों की नियुक्ति उसके शासनकाल के 14वें वर्ष में की गई थी, जिनका मुख्य कार्य विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच धार्मिक सहिष्णुता का प्रसार करना और कैदियों के जीवन की स्थितियों में सुधार कर उनके दंड को कम करना या मुक्त कराना था, जिसका उल्लेख उसके पंचम शिलालेख में मिलता है।
4. अशोक के सारनाथ स्तंभ लेख (सिंहचतुर्मुख) में संघभेद रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं तथा भिक्षु-भिक्षुणियों को चेतावनी दी गई है कि जो कोई भी संघ में फूट डालेगा, उसे श्वेत वस्त्र पहनाकर मठ से निष्कासित कर दिया जाएगा; इस आदेश का विवरण कौशाम्बी और सांची के लघु स्तंभ लेखों में भी सुरक्षित है।
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गदर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गदर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में सोहन सिंह भकना के नेतृत्व में की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष लाला हरदयाल बनाए गए थे।
2. 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) की स्थापना वर्ष 1924 में कानपुर में सचिन्द्र नाथ सन्याल, रामप्रसाद बिस्मिल और योगेश चंद्र चटर्जी द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य सशस्त्र क्रांति के माध्यम से 'फेडरल रिपब्लिक ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ इंडिया' की स्थापना करना था।
3. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में HRA का नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया गया, जिसमें समाजवादी विचारधारा को प्रमुखता दी गई।
4. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधानसभा में ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में बम फेंका था, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी की हत्या करना नहीं बल्कि 'बहरेकानों को सुनना' और औपनिवेशिक दमनकारी नीतियों के विरुद्ध जनमानस को जगाना था।
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मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं?
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महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
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