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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिकांगों और कोशिका विभाजन की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरितलवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जिनमें स्वयं का वृत्ताकार डीएनए, 70S राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण तंत्र होता है, जिसके कारण इन्हें 'कोशिका के भीतर की कोशिका' भी कहा जाता है।
- 2. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की पश्च अवस्था (Anaphase) के दौरान, गुणसूत्र अपने गुणसूत्रबिंदु (Centromere) से विभाजित होते हैं और दोनों संतति अर्धगुणसूत्र (Sister chromatids) विपरीत ध्रुवों की ओर गति करना शुरू करते हैं।
- 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) उप-अवस्था में 'जीन विनिमय' (Crossing Over) की प्रक्रिया संपन्न होती है, जो समझात गुणसूत्रों के गैर-भगिनी अर्धगुणसूत्रों (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री के आदान-प्रदान को सुनिश्चित करती है।
- 4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःकोशिकी पाचन के लिए जिम्मेदार एकल झिल्लीयुक्त कोशिकांग है, जिसमें अत्यधिक अम्लीय वातावरण और हाइड्रोलाइटिक एंजाइम होते हैं, और इसकी झिल्ली के फटने पर कोशिका के अपने ही अंगों का पाचन होने लगता है, जिसे 'ऑटोफैजी' या आत्मकेंद्रित अपघटन कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। सूत्रकणिका और हरितलवक में अंतःसहजीवी सिद्धांत (Endosymbiotic theory) के अनुसार स्वयं का डीएनए और राइबोसोम पाया जाता है। समसूत्री विभाजन के एनएफेज में सेंट्रोमेर का विभाजन होता है और क्रोमैटिड्स ध्रुवों की ओर जाते हैं। मियायोसिस-I की पैकीटीन अवस्था में क्रॉसिंग ओवर होती है। लाइसोसोम को विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आत्मघाती थैली भी कहा जाता है, और यह ऑटोफैजी द्वारा कोशिकाओं के क्षय का नियमन करता है।
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Related Questions
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, बशर्ते दाब स्थिर रहे।
2. लाप्लास (Laplace) के संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रम है, जिसके कारण न्यूटन के सूत्र में सुधार किया गया।
3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं, तो उनकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों परिवर्तित हो जाते हैं, जबकि उनकी चाल अपरिवर्तित रहती है।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, यदि श्रोता और ध्वनि स्रोत के बीच की दूरी कम हो रही है, तो श्रोता को ध्वनि की आवृत्ति (तारात्व) वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ऊष्मागतिकी और तापमापी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्य-वाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की संकल्पना को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्यावस्था में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्यावस्था में होंगे।
2. स्थिर आयतन गैस तापमापी (Constant-volume gas thermometer) अत्यंत संवेदनशील और सटीक होते हैं, क्योंकि गैसों का दाब ताप के साथ रैखिक रूप से परिवर्तित होता है, और इनका उपयोग अत्यंत उच्च तापमान (जैसे 1500°C से अधिक) को मापने के लिए किया जाता है।
3. जल का त्रिक बिंदु (Triple Point of Water), जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में होते हैं, का मान केल्विन पैमाने पर ठीक 273.16 K और सेल्सियस पैमाने पर 0.01°C होता है।
4. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सकता है, बशर्ते प्रक्रम की कुल आंतरिक ऊर्जा नियत बनी रहे और गैस पर किया गया कार्य शून्य हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी बंद परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. स्वप्रेरकत्व (Self-inductance) का एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) है, और यह किसी कुंडली का वह गुण है जो कुंडली में प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करता है।
4. किसी धारावाही परिनालिका (Solenoid) के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता परिनालिका के क्रोस-सेक्शनल क्षेत्रफल पर निर्भर करती है तथा परिनालिका की लंबाई बढ़ाने से चुंबकीय क्षेत्र का मान बढ़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और सर्किट के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसकी लंबाई के समानुपाती और उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता (Resistivity) का मान चालक के पदार्थ की प्रकृति और उसके तापमान पर निर्भर करता है, न कि उसके आयामों पर।
2. जब प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel Combination) में जोड़ा जाता है, तो सर्किट का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के किसी भी व्यक्तिगत प्रतिरोधक के न्यूनतम मान से भी अधिक होता है।
3. किर्चॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff's Current Law) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि (Junction) पर मिलने वाली सभी विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
4. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में कुछ पदार्थों का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है, और यह परिघटना सामान्य तापमान पर ही सभी धातुओं में स्वतः उत्पन्न हो जाती है बिना किसी शीतलन के।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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