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यांत्रिकी (Mechanics) में गति के नियमों, कार्य, ऊर्जा और शक्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जब किसी वस्तु पर एक परिवर्ती बल (Variable force) द्वारा कार्य किया जाता है, तो बल-विस्थापन वक्र (Force-Displacement curve) के अंतर्गत आने वाला क्षेत्रफल वस्तु पर किए गए कुल कार्य को प्रदर्शित करता है, और यह कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
  2. 2. संरक्षी बल (Conservative force) के अंतर्गत किसी बंद पथ (Closed loop) में किया गया कुल कार्य शून्य होता है, तथा इस बल क्षेत्र में किसी वस्तु की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) को बल के ऋणात्मक प्रवणता (Negative gradient) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
  3. 3. जब कोई रॉकेट अंतरिक्ष में गति करता है, तो उसके द्वारा ईंधन के जलने और गैसों के बाहर निकलने की प्रक्रिया में रैखिक संवेग संरक्षण का नियम लागू होता है, और रॉकेट का त्वरण केवल उस पर लगने वाले प्रणोद (Thrust) बल पर निर्भर करता है, गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र पर नहीं।
  4. 4. शक्ति (Power) और वेग का गुणनफल तात्क्षणिक शक्ति (Instantaneous Power) को व्यक्त करता है, और यदि किसी मशीन की शक्ति नियत है, तो उसके द्वारा किसी निश्चित समय में तय की गई दूरी समय के वर्ग के समानुपाती होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि परिवर्ती बल द्वारा किया गया कार्य बल-विस्थापन ग्राफ के क्षेत्रफल के बराबर होता है जो कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार गतिज ऊर्जा में परिवर्तन दर्शाता है। कथन 2 सही है क्योंकि संरक्षी बलों (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल) के अधीन बंद पथ में किया गया कार्य शून्य होता है और $F = -dU/dx$ संबंध होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि अंतरिक्ष में रॉकेट की गति पर अंतरिक्ष के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्रों (जैसे ग्रहों या तारों का प्रभाव) का भी प्रभाव पड़ता है और रॉकेट का त्वरण प्रणोद के साथ-साथ तात्कालिक गुरुत्वाकर्षण बल पर भी निर्भर करता है। कथन 4 गलत है क्योंकि यदि शक्ति नियत है ($P = Fv = ext{constant}$), तो विस्थापन समय के 3/2 घात के समानुपाती होता है, वर्ग के नहीं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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