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यूकैरियोटिक कोशिका चक्र के नियमन और कोशिका विभाजन (Cell Division) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कोशिका चक्र का नियंत्रण 'साइक्लिन' (Cyclins) और 'साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेसेस' (CDKs) नामक प्रोटीन परिसरों द्वारा होता है, जहाँ CDKs फॉस्फोराइलेशन के माध्यम से कोशिका चक्र के अगले चरण को प्रेरित करते हैं।
  2. 2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की एनाफेज (Anaphase) अवस्था के दौरान, सिस्टर क्रोमैटिड्स एक-दूसरे से अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं, और यह गति मुख्य रूप से काइनेटोकोर तंतुओं के संकुचन और माइक्रोट्यूब्यूल्स के डीपॉलिमराइजेशन द्वारा संचालित होती है।
  3. 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन अवस्था में 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing Over) की प्रक्रिया होती है, जिसमें समजात गुणसूत्रों की गैर-सह-भगिनी अर्धगुणसूत्रिकाओं के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान 'रेकॉम्बिनेस' एंजाइम की सहायता से होता है।
  4. 4. पादप कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) जन्तु कोशिकाओं की तरह 'खांच निर्माण' (Cleavage furrow method) द्वारा होता है, क्योंकि पादप कोशिकाओं में दृढ़ कोशिका भित्ति पाई जाती है जो अंदर की ओर मुड़ सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: यूकैरियोटिक कोशिका चक्र का नियमन 'साइक्लिन' और 'साइक्लिन-डिपेंडेंट किनेसेस' (CDKs) के द्वारा होता है जो विभिन्न चेकपॉइंट्स को नियंत्रित करते हैं। कथन 2 सही है: एनाफेज के दौरान सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होकर ध्रुवों की ओर जाते हैं, जिसमें काइनेटोकोर माइक्रोट्यूब्यूल्स का डीपॉलिमराइजेशन मुख्य भूमिका निभाता है। कथन 3 सही है: अर्धसूत्री विभाजन-I की पैकीटीन अवस्था में क्रॉसिंग ओवर होता है जो रेकॉम्बिनेस एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होता है। कथन 4 गलत है: पादप कोशिकाओं में दृढ़ कोशिका भित्ति होने के कारण 'खांच निर्माण' (Cleavage) संभव नहीं है; इसके बजाय उनमें 'सेल प्लेट' (Cell plate) पद्धति द्वारा कोशिका द्रव्य विभाजन होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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