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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उपसहसंयोजक बंधन (Coordinate Bond) एक विशेष प्रकार का सहसंयोजक बंधन है जिसमें साझा किए जाने वाले इलेक्ट्रॉन युग्म का योगदान दोनों परमाणुओं द्वारा समान रूप से किया जाता है।
  2. 2. आरहेनियस सिद्धांत के अनुसार, अम्ल वे पदार्थ हैं जो जलीय विलयन में वियोजित होकर हाइड्रोजन आयन ($H^+$) उत्पन्न करते हैं, जबकि क्षार वे पदार्थ हैं जो जलीय विलयन में हाइड्रॉक्साइड आयन ($OH^-$) उत्पन्न करते हैं।
  3. 3. लुईस (Lewis) अवधारणा के अनुसार, इलेक्ट्रॉन युग्म दाता प्रजाति को 'लुईस अम्ल' कहा जाता है, जबकि इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही प्रजाति को 'लुईस क्षार' कहा जाता है।
  4. 4. किसी अम्ल का अम्ल वियोजन स्थिरांक ($K_a$) जितना अधिक होता है, उसकी अम्ल सामर्थ्य उतनी ही अधिक होती है और उसका $pK_a$ मान उतना ही कम होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि उपसहसंयोजक (डेटाटिव) बंधन में साझा किए जाने वाले इलेक्ट्रॉन युग्म का पूरा योगदान केवल एक ही परमाणु (दाता) द्वारा किया जाता है, जबकि दूसरा परमाणु केवल उसका उपयोग साझा रूप से करता है। कथन 2 सत्य है; आरहेनियस के सिद्धांत के अनुसार जलीय माध्यम में $H^+$ देने वाले अम्ल और $OH^-$ देने वाले क्षार होते हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि लुईस सिद्धांत के अनुसार इलेक्ट्रॉन युग्म दाता को 'लुईस क्षार' और इलेक्ट्रॉन युग्म ग्राही को 'लुईस अम्ल' कहा जाता है। कथन 4 सत्य है; मजबूत अम्लों का $K_a$ उच्च और $pK_a$ कम होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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