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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्म (Colligative Properties) और उत्प्रेरण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर उसके वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम पर आधारित एक अणुसंख्यक गुणधर्म है।
  2. 2. क्वथनांक में उन्नयन ($\Delta T_b$) और हिमांक में अवनमन ($\Delta T_f$) दोनों ही विलायक की मोललता के सीधे समानुपाती होते हैं, तथा इनके आनुपातिक स्थिरांक क्रमशः मोलल उन्नयन स्थिरांक (इब्यूलियोस्कोपिक स्थिरांक) और मोलल अवनमन स्थिरांक (क्रायोस्कोपिक स्थिरांक) कहलाते हैं।
  3. 3. समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक दोनों एक ही भौतिक अवस्था (जैसे गैसीय या द्रव) में होते हैं, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में उत्प्रेरक ठोस अवस्था में होता है और अभिकारक गैसीय या द्रव अवस्था में होते हैं।
  4. 4. ज़ीओलाइट्स (Zeolites) सूक्ष्म-छिद्रयुक्त एलुमिनोसिलिकेट्स होते हैं जो आकार-वरण उत्प्रेरण (Shape-Selective Catalysis) प्रदर्शित नहीं करते हैं, क्योंकि उनकी क्रिस्टलीय संरचना रासायनिक रूप से निष्क्रिय और एकसमान होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है (राउल्ट का नियम)। क्वथनांक में उन्नयन और हिमांक में अवनमन विलायक की मोललता के समानुपाती होते हैं। समांगी और विषमांगी उत्प्रेरण की परिभाषाएँ भी रासायनिक गतिकी के अनुसार सही हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि ज़ीओलाइट्स अपने मधुकोश जैसी छिद्रपूर्ण संरचना के कारण 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-Selective Catalysis) के लिए जाने जाते हैं, जहाँ उत्प्रेरिक क्रिया अभिकारक और उत्पाद अणुओं के आकार पर निर्भर करती है। विकिपीडिया संदर्भ
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