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पेट्रोलियम शोधन (Petroleum Refining) और ईंधनों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी ईंधन की ऑक्टेन संख्या (Octane Number) जितनी अधिक होती है, उसकी 'अपस्फोटन' (Knocking) की प्रवृत्ति उतनी ही कम होती है, और इस पैमाने के लिए आइसो-ऑक्टेन को 100 तथा n-हेप्टेन को 0 अंक दिया जाता है।
  2. 2. डीजल इंजनों के लिए ईंधन की गुणवत्ता 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) द्वारा निर्धारित की जाती है, जिसमें अल्फा-मेथिलनेफ्थलीन को 100 और cetane (hexadecane) को 0 मान दिया जाता है, और उच्च सीटेन संख्या बेहतर दहन को दर्शाती है।
  3. 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) प्रक्रिया के दौरान पेट्रोलियम से प्राप्त विभिन्न अंशों में से केरोसिन का क्वथनांक पेट्रोल की तुलना में अधिक होता है, जबकि स्नेहक तेल (Lubricating oils) सबसे नीचे अवशेष के रूप में प्राप्त होते हैं।
  4. 4. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें अत्यधिक तेज गंध उत्पन्न करने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से एथिल mercaptan ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: ऑक्टेन संख्या पेट्रोल या गैसोलीन के अपस्फोटन-विरोधी गुणों को मापती है। आइसो-ऑक्टेन (जिसमें उच्च अपस्फोटन-विरोधी गुण होते हैं) को 100 और n-हेप्टेन (जो आसानी से अपस्फोटन उत्पन्न करता है) को 0 ऑक्टेन संख्या दी जाती है। कथन 2 गलत है: डीजल इंजनों के लिए सीटेन संख्या में n-हेक्साडेकेन (सीटेन) को 100 और अल्फा-मेथिलनेफ्थलीन (या हेप्टाडाइमिथाइलसिटेन) को 0 अंक दिया जाता है (न कि इसके विपरीत)। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रभाजी आसवन में क्वथनांक के बढ़ते क्रम में अंश अलग होते हैं; पेट्रोल का क्वथनांक कम और केरोसिन का उससे अधिक होता है। कथन 3 और कथन 4 दोनों सही हैं।
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