General Science
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मानव शरीर के पोषण, जैव अणुओं (Carbohydrates, Proteins and Vitamins) और उनकी रासायनिक प्रकृति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ग्लाइकोजन एक शाखित बहुलक (Branched polymer) है जो ग्लूकोज की इकाइयों से मिलकर बनता है, जिसे 'जंतु स्टार्च' भी कहा जाता है, और यह मुख्य रूप से यकृत तथा कंकाल पेशियों में संचित होता है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है, और यकृत इस विटामिन को शरीर में कई वर्षों तक भंडारित करके रख सकता है।
- 3. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential Amino Acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में हो सकता है, इसलिए इन्हें अपने दैनिक आहार में शामिल करने की आवश्यकता नहीं होती है।
- 4. सेलूलोज़ एक पादप पॉलीसेकराइड है जो ग्लूकोज की $eta$-D-इकाइयों से $eta$-1,4-ग्लूकोसिडिक बंध द्वारा जुड़कर बनता है, जिसे मानव पाचन तंत्र के एंजाइम पचाने में असमर्थ होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ग्लाइकोजन ग्लूकोज का एक अत्यधिक शाखित बहुलक है जिसे जंतु स्टार्च कहा जाता है और यह मुख्य रूप से यकृत तथा पेशियों में ऊर्जा भंडारण का कार्य करता है। कथन 2 सही है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विटामिन $B_{12}$ जल-विलेय होने के बावजूद यकृत में लंबी अवधि (कई वर्षों) तक संचित रह सकता है और इसमें कोबाल्ट धातु मौजूद होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential Amino Acids) वे होते हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर स्वयं नहीं कर सकता है, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है (जैसे वेलीन, ल्यूसीन आदि)। कथन 4 सही है क्योंकि सेलूलोज़ में $eta$-D-ग्लूकोज इकाइयाँ होती हैं और मानव आंत्र में इसे तोड़ने वाले एंजाइम (सेल्युलेज) का अभाव होता है।
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पेट्रोलियम शोधन (Petroleum Refining) और ईंधनों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी ईंधन की ऑक्टेन संख्या (Octane Number) जितनी अधिक होती है, उसकी 'अपस्फोटन' (Knocking) की प्रवृत्ति उतनी ही कम होती है, और इस पैमाने के लिए आइसो-ऑक्टेन को 100 तथा n-हेप्टेन को 0 अंक दिया जाता है।
2. डीजल इंजनों के लिए ईंधन की गुणवत्ता 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) द्वारा निर्धारित की जाती है, जिसमें अल्फा-मेथिलनेफ्थलीन को 100 और cetane (hexadecane) को 0 मान दिया जाता है, और उच्च सीटेन संख्या बेहतर दहन को दर्शाती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) प्रक्रिया के दौरान पेट्रोलियम से प्राप्त विभिन्न अंशों में से केरोसिन का क्वथनांक पेट्रोल की तुलना में अधिक होता है, जबकि स्नेहक तेल (Lubricating oils) सबसे नीचे अवशेष के रूप में प्राप्त होते हैं।
4. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें अत्यधिक तेज गंध उत्पन्न करने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से एथिल mercaptan ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिक एवं कार्यप्रणाली विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले एंटीजन (एग्लूटिनोजन) ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन प्रकृति के होते हैं, जिनका संश्लेषण 'I' जीन द्वारा नियंत्रित होता है, जिसमें $I^A$ और $I^B$ एलील सह-प्रभाविता (Co-dominance) दर्शाते हैं जबकि $i$ एलील अप्रभावी होता है।
2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (Erythroblastosis foetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब आरएच-ऋणात्मक ($Rh^-$) पिता की आरएच-धनात्मक ($Rh^+$) संतान गर्भ में पल रही होती है, जिससे प्रथम गर्भावस्था के दौरान माँ के शरीर में $Rh$ एंटीबॉडी बन जाते हैं जो अगली संतानों को गंभीर क्षति पहुँचाते हैं।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता (Universal Recipient) रक्त समूह 'AB' वाले व्यक्तियों के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी (एग्लूटेनिन) अनुपस्थित होते हैं, जिसके कारण वे किसी भी रक्त समूह से रक्त प्राप्त कर सकते हैं।
4. हृदय के कार्डियक चक्र के दौरान 'वेंट्रिकुलर डायस्टोल' (Ventricular Diastole) की अवस्था में अर्डधचंद्र कपाट (Semilunar valves) खुल जाते हैं और आलिंद-निलय कपाट (AV valves) बंद हो जाते हैं, जिससे रक्त आलिंदों से निलय में प्रवाहित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोनों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पश्च पीयूष ग्रंथि (Posterior Pituitary) वास्तव में कोई हॉर्मोन स्वयं संश्लेषित नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' और 'वसोप्रेसिन' (ADH) हॉर्मोनों का भंडारण और विमोचन करती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) एक मिनरलोकोर्टिकोइड है जो अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) के जोना ग्लोमेरुलोसा क्षेत्र से स्रावित होता है और यह वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनरावशोषण को बढ़ाकर तथा पोटेशियम एवं फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित कर रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
3. अधिवृक्क मज्जा (Adrenal Medulla) द्वारा स्रावित कैटेकोलामाइन (एड्रेनालाईन और नॉरएड्रेनालाईन) स्टेरॉयड प्रकृति के हॉर्मोन होते हैं, जो लक्ष्य कोशिकाओं पर मौजूद अंतःकोशिकी रिसेप्टर्स से जुड़कर धीमी गति से दीर्घकालिक उपापचय परिवर्तन करते हैं।
4. पीनियल ग्रंथि (Pineal Gland) द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के सिद्धांतों, विशेष रूप से 'हार्डी-वेनबर्ग साम्य' (Hardy-Weinberg Equilibrium) और 'स्पीसिएशन' (Speciation) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग नियम के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाली आबादी में एलील (Allele) और जीनोटाइप आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) और जीन प्रवास (Gene flow) जैसी विकासवादी शक्तियाँ प्रभावी न हों।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, यदि किसी द्विगुणित आबादी में एक जीन के दो एलील $A$ और $a$ हैं, जिनकी आवृत्तियाँ क्रमशः $p$ और $q$ हैं, तो समय के साथ विषमयुग्मजी (Heterozygous) जीनोटाइप $Aa$ की अपेक्षित आवृत्ति $2pq$ द्वारा दी जाती है, जहाँ $p + q = 1$ होता है।
3. अनुकूली विकिरण (Adaptive radiation) एक ही पूर्वज से विभिन्न जातियों के अल्प समय में उद्भव का प्रक्रम है, जो नए भौगोलिक क्षेत्रों में प्रवेश करने पर होता है, और इसके सबसे प्रसिद्ध उदाहरणों में डार्विन की फिंच (Darwin's finches) और गैलापागोस द्वीप समूह के कछुए शामिल हैं।
4. सिंपेट्रिक स्पीसिएशन (Sympatric speciation) उस भौगोलिक अलगाव (Geographical isolation) के कारण होता है जब एक ही मूल आबादी के बीच भौतिक बाधा उत्पन्न हो जाती है, जिससे जीन का आदान-प्रदान रुक जाता है और नई प्रजाति का निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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